दादा के लिए BCCI उठाने जा रहा बड़ा कदम

मुम्बई। सौरव गांगुली ने हाल में ही बीसीसीआई की अध्यक्ष पद की कुर्सी संभाली है। नियम के अनुसार टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली इस पद ज्यादा दिन नहीं रह सकते हैं लेकिन अब बीसीसीआई दादा के लिए नियम बदलने की तैयारी में है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है सौरभ गांगुली का कार्यकाल बढ़ सकता है। जानकारी के मुताबिक बीसीसीआई आगामी वार्षिक आम बैठक में कुछ बड़े फैसले लेने वाला है।

हालांकि एजीएम में पदाधिकारियों के 70 साल की उम्र सीमा को बदलने पर कोई फैसला नहीं किया जाएगा लेकिन कूलिंग ऑफ (दो कार्यकाल के बाद विश्राम का समय) के नियम को बदला जा सकता है। इसका सीधा फायदा सौरव गांगुली को मिल सकता है। दादा के कार्यकाल को बढ़ाना चाहता है बीसीसीआई ताकि उनके अनुभव का सही फायदा लिया जा सके।

इस बारे में कोषाध्यक्ष अरुण धूमल ने एजीमएम की बैठक से पहले खुलासा किया है। दूसरी ओर एजीएम के लिए जारी कार्यसूची में बोर्ड ने मौजूदा संविधान में महत्वपूर्ण बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। अगर ऐसा होता है तो सर्वोच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त लोढ़ा समिति की सिफारिशों पर आधारित सुधारों पर असर पड़ेगा।

क्या है नियम

सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अनुमोदित नए कानून के मुताबिक बीसीसीबाई या राज्य संघों में तीन साल के कार्यकाल को दो बार पूरा करने वाले पदाधिकारी को तीन साल तक ‘कूलिंग आफ पीरियड’ में रहना होगा।

नए पदाधिकारी आखिर क्या चाहते हैं

अगर नए पदाधिकारियों की माने तो बीसीसीआई बड़ा बदलाव हो सकता है। पदाधिकारी चाहते हैं ‘कूलिंग ऑफ’ का नियम उन पर लागू हो, जिन्होंने बोर्ड या राज्य संघ में तीन-तीन साल का दो कार्यकाल पूरा किया है यानी बोर्ड और राज्य संघ के कार्यकाल को एक साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए। धूमल ने एक न्यूज एजेंसी से बातचीत में कहा कि ‘हमने उम्र की सीमा में कोई बदलाव नहीं किया है। उसे पहले की तरह रहने दिया है।

कूलिंग ऑफ पीरियड के मामले में हमारा मानना यह है कि अगर किसी ने राज्य संघ में काम का अनुभव हासिल किया है, तो उस अनुभव का फायदा खेल के हित में होना चाहिए। अगर वह बीसीसीआई के लिए योगदान कर सकता है तो उसे ऐसा करना चाहिए।

दादा के अध्यक्ष बनते ही बीसीसीआई में बड़ा बदलाव

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली लगातार खिलाडिय़ों के हक में फैसला लेते नजर आ रहे हैं। उन्होंने हाल में ही डे नाइट टेस्ट कराकर सबको चौंका दिया है। ऐसे में बीसीसीआई चाहता है कि उनका कार्यकाल बढ़े ताकि और फायदा बोर्ड को हो सके।

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