कई जानलेवा बीमारियों की वजह बन सकती है रुमाटॉइड आर्थराटिस

इस ताजा रिसर्च से विस्तार से इस बारे में पता चला है कि टाइप-1 डायबीटीज और RA किन-किन किन-किन स्थितियों में किस तरह की बीमारियों की वजह बन सकते हैं। रुमाटॉइड आर्थराइटिस’मेयो क्लिनिक प्रोसिडिंग’ में हालही पब्लिश हुई एक स्टडी में बताया गया है कि जो लोग टाइप-1 डायबीटीज से ग्रसित होते हैं, उनमें रुमाटॉइट आर्थराटिस होने का खतरा कहीं अधिक होता है। रुमाटॉइट आर्थराटिस (RA) एक ऐसी बीमारी है, जिसमें पेशंट के शरीर के जॉइंट्स काम करना बंद कर देते हैं या उनमें बहुत अधिक दर्द होने के कारण पेशंट को चलने-फिरने में दिक्कत होती है। यह बीमारी सबसे पहले व्यक्ति के हाथ और पैर के जॉइंट्स पर अटैक करना शुरू करती है।

टाइप-1 डायबीटीज के मरीजों सहित ब्लड क्लॉटिंग डिसऑर्डर के शिकार मरीज और हर समय पेट संबंधी बीमारियों से घिरे रहनेवाले लोगों में भी RA होने का खतरा काफी अधिक होता है। आपको जानकर हैरानी होगी लेकिन इस स्टडी में यह बात भी सामने आई है कि रुमाटॉइड आर्थराटिस के मरीजों को हार्ट संबंधी बीमारियां होने का खतरा भी बहुत अधिक होता है। ऐसे मरीजों को वैसल्स में क्लॉटिंग होना और स्लीप एप्निया होने का डर भी बना रहता है।

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स्लीप एप्निया एक ऐसी बीमारी है, जिसमें मरीज को सोते समय अचानक सांस आनी बंद हो जाती है और फिर अचानक सब ठीक भी हो जाता है। लेकिन इस बीमारी के चलते उसकी सेहत पर बड़ा खतरा मंडराता रहता है। इस शोध में इस्तेमाल किया गया डेटा मेयो क्लिनिक बायोबैंक, वॉलिंटियर्स डेटा और मेयो क्लिनिक पेशंट्स का डेटा रहा।

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इससे पहले हुए शोधों में यह बात सामने आई थी कि RA के उन मरीजों को जान का खतरा है, जिन्हें कोई और घातक बीमारी हो, शारीरिक विकलांगता, कार्यक्षमता संबंधी योग्यता कम करने या डेथ रेट बढ़ाने वाली कोई अन्य बीमारी भी हो। जबकि इस ताजा रिसर्च से विस्तार से इस बारे में पता चला है कि टाइप-1 डायबीटीज और RA किन-किन किन-किन स्थितियों में किस तरह की बीमारियों की वजह बन सकते हैं।

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