शुभ मुहूर्त रात में 8 बजकर 52 मिनट तक आधी रात से पहले जलेगी होली, इस बार भद्रा नहीं,

 इस बार होलिका दहन के लिए विशेष मुहूर्त देखने की आवश्यकता लोगों को नहीं होगी। वजह इस बार भद्रा का साया ना होना है। कई वर्ष बाद होलिका दहन के समय भद्राकाल की रुकावट नहीं पड़ेगी। बल्कि इस दिन पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र होने के कारण ध्वज योग बन रहा है । जो खास यश प्रदान करने वाला माना जाता है। होली का दहन के दिन भद्राकाल सुबह सूर्योदय से आरंभ होकर दोपहर 1.10 बजे खत्म हो जाएगा। इसलिए लोगों को परेशान होने की जरुरत नहीं है।

हालांकि पूर्णिमा तिथि रात्रि 11:17 तक ही रहेगी, इसलिए इससे पहले से होलिका का दहन कर लेना शुभ है | गोधूलि बेला के साथ ही दहन प्रारंभ हो जाएगा। इस बार मंदिरों द्वारा होलिका दहन के वक्त विशेष रुप से अधिक मात्रा में कपूर डालने का आग्रह किया जा रहा है। कपूर वातावरण को शुद्ध कर वायरस को मारने में मददगार होता है। कोरोना से लड़ने में सहायता मिले इसलिए यह आग्रह किया गया है। 

शुभ मुहूर्त

पूर्णिमा तिथि प्रारंभ शुभ मुहूर्त

9 मार्च को सुबह 3 बजकर 3 मिनट से
पूर्णिमा तिथि समाप्त

9 मार्च को रात 11 बजकर 17 मिनट पर
शुभ मुहूर्त
शाम 6 बजकर 26 मिनट से रात 8
बजकर 52 मिनट तक

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