समाज सेवा में समर्पित पृथ्वीराज चौहान शब्दभेदी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन कुमार चौहान।

संवाददाता राम कुमार मिश्रा

मोतीगंज।।गोण्डा।।

जिले के तहसील तरबगंज थाना क्षेत्र उमरी बेगमगंज के अंतर्गत निगाही पुरवा में पृथ्वीराज चौहान शब्दभेदी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं मनिहारी जिला पंचायत सदस्य पवन कुमार चौहान गाजीपुर की धरती से चलकर गोंडा पहुंचे। और गहनगा के निगाही पुरवा में पीड़ित परिवार से मिलकर उनका हालचाल जाना और हर संभव मदद करने का वादा किया। उन्होंने बताया कि संतोष चौहान उर्फ संतू ने जो आत्महत्या की है इस आत्महत्या के जिम्मेदार उमाशंकर सिंह हैं। और उमा शंकर सिंह की यदि शीघ्र गिरफ्तारी नहीं होती है तो सड़क से लेकर संसद तक प्रशासन का घेराव करेंगे,धरना देंगे। फिर भी यदि राजनीतिक दबाव के चलते उमाशंकर सिंह को बचाने का असफल प्रयास किया गया तो हम आमरण अनशन करने पर मजबूर होंगे।
पवन कुमार चौहान ने बताया कि पुलिस प्रशासन के ढुलमुल रवैए एवं राजनीतिक दबाव के चलते उमाशंकर सिंह अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
वहीं पवन कुमार चौहान के साथी गण पीड़ित परिवार से मिलने के बाद उमरी बेगमगंज थानाध्यक्ष अशोक कुमार सिंह चौहान जी से मुलाकात करते हैं। और मुलाकात करके चौहान परिवार को न्याय दिलाने के लिए उमाशंकर सिंह की शीघ्र गिरफ्तारी के लिए कहते हैं। जिस पर थाना अध्यक्ष महोदय ने बताया कि टीम गिरफ्तारी के लिए प्रतिदिन जा रही है लेकिन मौके से वह मिल नहीं पा रहा है शीघ्र गिरफ्तारी कर ली जाएगी। इस मौके पर समाज सेवी जगजीत सिंह टाइगर, समाज सेवी अजय चौहान, संजय चौहान, रणविजय, चंद्रबली यादव, भवानी प्रसाद, जगराम चौहान, विकास, कुलदीप, आनंद, प्रदीप, जोखू लालू, विमल, आदि लोग उपस्थित रहे। पवन कुमार चौहान ने बताया कि मित्रों समाज सेवा करना तो एक चुनौती भरा कार्य जिसे मेरी सेना ने इसे अपना सबकुछ मान लिया है सोते जागते चलते हर समय मेरे सभी मित्र तैयार रहते हैं।

क्या है पूरा मामला

ग्राम सभा गहनगा के निगाही पुरवा में संतोष चौहान उर्फ संतू पुत्र छेदी लाल चौहान ने मुजेड़ निवासी दबंग उमाशंकर सिंह के कारण फांसी के फंदे पर झूलकर मौत को गले लगा लिया इसकी जानकारी मौके से इस प्रकार मिली की संतोष चौहान राजगीर मिस्त्री का काम करके परिवार का भरण पोषण करते थे जिनके पास एक बेटी पल्लवी तथा एक बेटा विनय है बगल गांव के मुंजेड के दबंग व्यक्ति उमाशंकर सिंह संतोष से मकान का ठेका बोलकर घर को बनवा लिया किंतु जब ₹60000 बकाया मांगने के लिए संतोष उमाशंकर सिंह के घर गए तो उमाशंकर सिंह ने संतोष को बेरहमी से मारा-पीटा तथा उनकी मोटरसाइकिल भी अपने पास रख लिया जिससे क्षुब्ध होकर संतोष चौहान ने आत्महत्या कर ली ।

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