क़ुदरत का क़हर, आसमान से बरसी आफत,ओलों और वारिश ने किसानों का किया वन्टाढ़ार

अजय कुमार सिंह की रिपोर्ट

शाहजहाँपुर – क्षेत्र में जमकर हुई पानी व ओलों के क़हर से किसान वेहद परेशान ग्राम देवता का जीवन संकटमय
पूरे जिले में बिजली की भारी कड़कड़ाहट के साथ ओलों व पानी की पूरे क्षेत्र में जमकर वरसात हुई।किसान की अधकच्ची फसल को बहुत भारी नुकसान हुआ है।क्षेत्र में 5 मार्च से बादलों का जमघट शुरु हो गया था।और रात से ओलों के साथ अतिवृष्टि का ऐसा दौर शुरु हुआ जो थमने का नाम ही नहीं ले रहा है।
हाय रे किसान की किस्मत सारी दुनियाँ को भोजन देने बाले इस किसान की करुण कहानी का कोई पारावार नहीं पहले तो फटेहाल किसान अपनी कठौती का आंटा तक बेंचकर अपनी फसल की तैयारी करता है।फिर उसे मिलावटखोर व्यापारी लूटता है नकली खाद व नकली बीज एवं नकली खरपतवार नाशक देकर कड़ी मेहनत के बाद जंगली जानवरोँ से रात रात भर जाग कर अन्धेरे में वगैर भय के अपनी फसल को तैयार करने के करीब होता है।तो फिर क़ुदरत भी उसपर अपना सारा गुस्सा निकालने में कोई क़सर वाक़ी नहीं छोड़ती है।जैसे तैसे आधी अधूरी तैयार फसल को बेचने का कोई पुख्ता इन्तज़ाम नहीं नाममात्र की सरकारी मंडियों में किसान में जमकर धुनाई होती है यहां तो किसान की दिन दोपहर खुली डक़ैती पडती है।कोई देखने सुनने वाला नहीं।अपनी नन्ही सी गुडिया की फ्रांक भी नहीं खरीद सकता।लुट पिट कर बापस लौटकर अपनी क़िस्मत ठोंकता है।अब गिरवीं रखे गहने कैसे छुटाये घरवाली की घर में गालियां सारा घर बैठ कर रोता है जैसे कोई अनहोनी हो गयी हो।किसान को सब ठगते हैं सरकार अगले चुनाव के लिए तरह के झूँठे वायदे करती है।कोई किसान की दुगुनी आमदनी करने की बात करता है कोई तिगुनी मगर साहब सारे वादे हवा हवाई वाह रे भारत की राजनीति।

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