घूसपैठियों के साथ देने वाले देशद्रोही पत्रकार,लेखक और नेता सावधान हो जाइए वरना मुंह दिखाने के लायक भी नहीं रहोगे

क्रांति न्यूज,ब्यूरो प्रमुख -कवि अनिरुद्ध कुमार सिंह :-

गाजियाबाद ।दि० 03/03/20 – श्री राम चरितमानस में चौपाई है- अति अनर्गल करें जो कोई ,अनल प्रकट चंदन से होई । जाके प्रभु दारुण दुःख देही,,ताके मति पहले हर लेई । जब जब होई धर्म के हानि,बाढे असुर अधम अभिमानी
तब तब प्रभु धरी मनुज शरीरा,हरहिं कृपा निधि सज्जन पीरा । अर्थात जो मनुष्य इंसान के साथ ज्यादा अति(अन्याय) करने लगते हैं,तब चंदन जैसे शीतल (ठंडी) लकड़ी से भी आग उत्पन्न होने लगती है । भगवान जिसको अधिक दुःख देना चाहते हैं,उनकी मति(बुद्धि) को पहले हीं हर लेते हैं । इसलिए कहा गया है कि विनाश काले विपरीत बुद्धि । अर्थात विनाश के समय अत्याचारियों के बुद्धि उल्टा (भ्रष्ट) हो जाते हैं ।आज देशद्रोही नेता, पत्रकार और लेखक के बुद्धि बिल्कुल भ्रष्ट हो चुके हैं । निर्दोष हिंदुओं के साथ जो अत्याचार देशद्रोहियों ने किए हैं, उसके भयंकर परिणाम भुगतने पड़ेंगे । आप अत्याचार करके किसी भी स्थिति में नहीं बच सकते हैं । जैसे आप दूसरों के साथ कर रहे हैं, वैसे हीं आपके साथ भी होंगे । इस धरती पर जब जब हिंदुओं के साथ किसी ने अत्याचार किए हैं,तब तब भगवान मानव शरीर में आकर पापियों के नाश किए हैं ।अब देशद्रोहियों के पाप के घड़े भर गए हैं । अब आप सभी (देशद्रोहियों) के अंत का समय काफी नजदीक आ गए हैं । अब तुम्हारे विदाई के समय आ चुके हैं । आप चाहें कितना भी विनाश के सामान जुटा लो,चाहे आप कितना भी छल- कपट कर लो और जितना चाहो राजनीति कर लो, परंतु तुम्हारे पाप की सजा अवश्य मिलेंगे । सत्य का सूर्य थोड़े समय के लिए बादलों से ढक(छुप) जाते हैं, लेकिन अंत में सूर्य का हीं विजयी होता है । सत्य परेशान हो सकता है, किंतु पराजित नहीं ।सत्य का विजय होता है, लेकिन असत्य का नहीं
जिसने भारत को मजहबी देश बनाने के सपने पाल रखे हैं, उन्हें पुरी दुनिया में सिर भी बचाने के जगह नहीं मिलेंगे । भारत में जो नेता चतुराई दिखा रहे हैं, उनके सभी चतुराई किसी काम के नहीं रहेंगे । इसलिए देशद्रोही नेता, पत्रकार, लेखक, कवि और बदमाश सभी सावधान हो जाइए वरना पाकिस्तान,बंगलादेश और अफगानिस्तान भी आपको नहीं बचा पायेंगे । इसलिए आप सभी संसद से पास किए कानून को काला कानून बनाने के दुस्साहस नहीं करें । आप इस क़ानून को विरोध नहीं ,विद्रोह कर रहे हैं । संविधान के अनुसार आप शांति ढंग से विरोध नहीं कर रहे हैं । आप आतंकवादी और नक्सलवादी बनकर हिंदुओं को लूटकर और मारकर क्या करना चाहते हैं? आप याद रखिए कि अत्याचार करने वाले चाहे पन्द्रह करोड़ क्यों न हो, इसके लिए सिर्फ एक हीं हिंदू काफी है, जो देशद्रोहियों को पुरी तरह से सफाया कर सकते हैं । आप सुधर जाओ और दूसरे को धोखा देना बंद करो । झूठे भाईचारे और धर्मनिरपेक्षता के नाम पर भारत को बर्बाद करने के सपने मत देखो । अगर आप सोचते हो कि हम बहुत होशियार और शक्तिशाली हैं, यह समय आने पर जल्द हीं पता चल जाएगा । भारत के देशभक्त जाग चुके हैं । यहां भारत में रहकर जो घूसपैठी को साथ देंगे, उसे इस देश में कोई माई के लाल बचा नहीं पायेगा । अभी हिंदू धर्म के जो नेता देशद्रोहियों के साथ दे रहे हैं, उन्हें भी भारी और भयंकर परिणाम भुगतने को तैयार रहना चाहिए।सी.ए.ए. का विरोध आप कर सकते हैं,लेकिन इसमें कुछ भी गलती नहीं है ,तो आप सभी विरोध करने के नाम पर हिंसा क्यों करते हैं? आपमें इतनी साहस किसने दिए, जो हिंदूओं को चुनौती दे सके । इतिहास उठाकर पढ लें, हिंदुओं के विरोधी रावण,कंस और हिरण्यकशिपु के क्या हाल किए गए? वैसे हीं देश के भस्मासुर और कालनेमी जैसे नेताओं को भी हाल किए जायेंगे । थोड़ी धीरज रखिए क्योंकि पाप के फल देर से उचित समय पर मिलेंगे । इसलिए घूसपैठी को साथ देने वाले नेता, पत्रकार और लेखक सावधान हो जाइए वरना मुंह दिखाने के लायक भी नहीं रहोगे ।

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