सरपंच पति की राजनीतिक पहुंच आई आखिर काम


KRANTI NEWS (RAJESH PANDEY )[STATE HEAD] MADHAY PRADESH:- आखिर ढूंढ ही लिया राजनीति ने बलि का बकरा

जॉइनिंग के 2 दिन बाद ही सचिव ने पाइप लाइन बदलने को लेकर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग(पीएचई) को दिया था प्रस्ताव।

मामला अब्दुल्लागंज के ग्राम नूरगंज के दूषित पेयजल का मामला। कहने को तो लोकतंत्र के चार स्तंभ हैं और चारों के अपने.अपने कार्य करने बैठे हुए हैं। अगर चारों को देखें तो एक दूसरे की मॉनिटरिंग चारों करते हैं मगर आज के परिदृश्य में ऐसा नजर नहीं आता केवल राजनीति के इर्द-गिर्द ही सब कुछ घूमता हुआ नजर आता है आखिर राजनीति ने ग्रामीणों की जान लेकर भी अपने आप को दोषी ना मानकर बलि का बकरा ढूंढ लिया और 28.09.2019 को कार्यभार पर आए ग्राम पंचायत सचिव लखन सिंह ठाकुर को बलि का बकरा बना दिया ग्राम सचिव को अनुविभागीय अधिकारी गौहरगंज की अनुशंसा पर जिला पंचायत सीईओ ने निलंबित कर जनपद पंचायत अब्दुल्लागंज मुख्यालय पर लाइन अटैच कर दिया। सूत्रों की मानें तो नूरगंज नूरगंज ग्राम पंचायत सचिव लखन सिंह ठाकुर ने 28.09.2019 को ही ग्राम नूरगंज का कार्यभार संभाला था ग्राम सचिव लखन सिंह ठाकुर ने कार्यभार संभालने के तुरंत 1 दिन बाद 30.09.2019 को नल जल योजना का प्रस्ताव बनाकर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग(पीएचई) को दिया था साथ ही नए सचिव ने कार्यभार सभालते ही ग्राम नूरगंज मैं वर्षों से सफाई न होने वाली नालियों की सफाई के लिए दो सफाई कर्मचारी भी नियुक्त किये थे इसके बाबजूद भी लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग(पीएचई) के अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी आखिर मौतें हो जाने के बाद लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग(पीएचई) के अधिकारियों के कानों पर जूं रेंगी और कल आनन-फानन में नल जल योजना की पाइप लाइन बदलने को स्वीकृति प्रदान कर दी अब तक दूषित पानी से हुई मौतों को झूठलाते हुए प्रशासन मौतों को सामान्य बता रहा था आखिर अनुविभागीय अधिकारी और जिला पंचायत सीईओ ने मौतों के कारण को दूषित पेयजल ही माना है यही नहीं मौतों के जिम्मेदार ग्राम पंचायत के सरपंच सचिव को बताया है नल जल पर योजना की पाइपलाइन करीब 25 वर्ष पुरानी थी जो कि ग्राम पंचायत नूरगंज को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा ग्राम पंचायत को स्थानांतरित कर दी गई थी जिसकी देखरेख की संपूर्ण जिम्मेदारी ग्राम पंचायत के सरपंच एवं सचिव की होती है प्रशासन ने अब जाकर माना है कि पाइप लाइन में मलियुक्त नालियों दूषित पानी पेयजल में सप्लाई हो रहा था जिसके कारण यह गंभीर मामला हुआ ओर मौतें हुई हैं। आश्चर्यजनक बात यह है की सरपंच पति राजनीतिक पहुंच के कारण इसमें साफ बच निकलने में कामयाब हो गए और डेढ़ महीने पहले आए सचिव को बलि का बकरा बना दिया।

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