इन्डिया सिक्योरिटी प्रेस नाशिक के महाप्रबंधक के ख़िलाफ़ मानहानि का दावा

kranti news maharashtra , ( state co-ordinator ) c.p mishra :-

इन्डिया सिक्योरिटी प्रेस के महाप्रबंधक मनीषशंकर के ऊपर वर्ष २०१६ से २०१८ तक लगातार अपने पद का दुरुपयोग कर, उपनगर पुलिस स्टेशन में आपराधिक मामलों में नामज़द वेद प्रकाश तिवारी को लाभ पहुँचाने के लिए प्रयास किया।फ़रीदाबाद निवासी वेद प्रकाश तिवारी लगातार अगस्त २०१६ से करेन्सी नोट प्रेस के मनीष शंकर व दुर्गाप्रसाद के सम्पर्क में मेल व व्यक्तिगत पत्रों के माध्यम से रहा है। फ़ैमिली कोर्ट व सेसन कोर्ट में केस हार जाने के वाद पीड़ितों को पैसों का भुगतान न कर वह लगातार मनीष शंकर व दुर्गा प्रसाद के माध्यम से पीड़िता के पिता जो करेन्सी नोट प्रेस में ही अधिकारी के रूप में कार्यरत थे के ऊपर ४९८ए का केस वापस लेने के लिए दबाव बनाने लगा।
मनीष शंकर व दुर्गा प्रसाद ने बनावटी कारणों से पीड़िता के पिता के प्रति अनुशासनिक कार्रवाई की तथा आरोप पत्र दिया। आरोप पत्र में लगाए गए आरोप सिद्ध नहीं हो सके फिर भी उनकी वेतन बृद्धि रोक कर दबाव बनाने का प्रयास किया गया। दुर्गा प्रसाद ने इस मामले में कुछ गोपनीय दस्तावेज को सार्वजनिक कर केस वापस लेने का दबाव बनाया। पीड़िता के पिता की लिखित शिकायत को दुर्गा प्रसाद व सुनील दुपारे ने गायब कर उच्च अधिकारियों को गुमराह करने का भी प्रयास किया है। इस सम्बन्ध में अन्तत: पीड़िता के पिता को अनिवार्य सेवा निवृत्ति का दंड दिया गया है।
पीड़िता ने मनीष शंकर, दुर्गा प्रसाद व लोकनायक तिवारी के विरुद्ध भी दंड संहिता की धारा ४९९ व ५०० के तहत न्यायालय में वाद संख्या ३६१/२०१८ दायर कर तीनों के प्रति मानहानि का दावा कर दिया है। इस वाद की सुनवाई चालू हो गयी है तथा अगली तारीख़ २७ मार्च २०२० दी गयी है, जिसमें न्यायाधीश आदेश जारी कर सकते है।
पीड़िता के पिता ने भी दुर्गा प्रसाद व सुनील दुपारे के ख़िलाफ़ उपनगर थाने में शिकायत दर्ज करायी है तथा पुलिस अधिकारियों द्वारा लिखित में न्यायालय जाने की सलाह मिलने के बाद न्यायालय में भारतीय दंड संहिता की धारा २०९, ४२०, ४६८, ४९९, ५०४, ५०६ व ३४ के तहत वाद संख्या १/२०२० दर्ज कराकर ५० लाख का दावा कर दिया है। इस मामले की भी सुनवाई चालू हो गयी है।

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