सी.ए.ए, एन.आर.सी और एन.पी.आर.से किसी भी भारतीय नागरिक को परेशानी नहीं है ।

सी.ए.ए, एन.आर.सी और एन.पी.आर.

क्रांति न्यूज चैनल, ब्यूरो प्रमुख-कवि अनिरुद्ध कुमार सिंह :- गाजियाबाद.दि०23/02/20 – आजकल के नेता को क्या हो गया है? जहां भी देखिए, वहां नेता सी.ए.ए , एन.पी.आर और एन.आर.सी के विरोध में कहीं भारत बंद कर रहे हैं, तो कहीं धरना -प्रदर्शन कर रहे हैं, तो कहीं किसी मंच से पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगा रहे हैं। ये सब क्या हो रहे हैं देश में? क्या शांति पूर्वक विरोध के नाम पर भारत में पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए जाना उचित है? क्या पड़ताड़ित हिंदुओं को भारत की नागरिकता प्रदान करना धर्मनिरपेक्षता का उलंघन है? क्या भारतीय नागरिक को पिता के नाम पर और यहां कब से कोई रह रहे हैं तो उनके दस्तावेज मांगना गलत है? अगर आप के पास पचास वर्षों से भारत में रहकर भी माता पिता के नाम के नाम से दस्तावेज नहीं है तो इसमें भारत सरकार की गलती क्या है? अगर भारत में जाति के आधार पर आरक्षण है तो क्या यह सही है? भारत में धर्मनिरपेक्षता की कानून लागू है तो क्या यह सही है?जो नेता आरक्षण और धर्मनिरपेक्षता के नाम पर छेड़छाड़ करने के आरोप लगा रहे हैं तो वे मुझे बतायें कि जाति के आधार पर आरक्षण क्यों चाहिए? मुझे विरोधी नेता बतायें कि भारत को धर्मनिरपेक्ष देश बनाना कैसे सही है? जब पुरी दुनिया में संतावन देश मुसलमानों के नाम से बने हुए हैं तो भारत को हिन्दूओं के नाम से देश बना दिए जाएं तो इससे किसको परेशानी हो रहे हैं?जो नेता पाकिस्तान जिंदाबाद के समर्थक हैं वे नेता कान खोलकर सुन लें कि भारत सिर्फ देशभक्तों के देश है । यहां से देशद्रोही नेता चाहे हिंदूओं के हों या मुसलमानों के, लेकिन इस देश पर पूर्ण अधिकार देशभक्तों के है और रहेंगे ।एक बात और है कि जो नेता दलित वर्ग को गूमराह कर के नेतागिरी चमकाने में लगे हैं वे कभी भी कामयाब नही होंगे । आप यह भ्रम निकाल दीजिए कि दलित वर्ग के लोग आरक्षण और धर्मनिरपेक्ष कानून के समर्थक हैं । आप साफ-साफ जान लीजिए कि एस.सी, एस.टी,ओ.बी.सी और जनरल वर्ग के सभी लोग सच्चे देशभक्त हैं और इसमें कोई भी सी.ए.ए, एन.पीआर और एन.आर.सी के विरोधी नहीं है। अगर कोई विरोधी हैं तो सिर्फ देशद्रोही नेता, जो भारत की एकता और अखंडता को तोड़ना चाहते हैं । लेकिन उनके सपने कभी भी सफल नहीं होंगे , लेकिन भारत में भारतीय नागरिकता संशोधन अधिनियम और अन्य कानून लागू होकर रहेंगे। इस क़ानून से यहां के नागरिकों को कोई परेशानी नहीं है । लेकिन एक सच्चाई है कि इन कानून से देशद्रोही नेता परेशान अवश्य हैं क्योंकि यहां से उनकी राजनीति हमेशा के लिए समाप्त होने वाले हैं ।

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