चीन का दौरा कर लौटे अफसर को किम ने दे दिया गोली मारने का आदेश, वजह हैरान करने वाली है

प्‍योंगयांग । चीन में कोरोना वायरस महामारी का रूप ले चुका है, जहां इस जानलेवा वायरस के संक्रमण से बीमार होकर मरने वालों का आंकड़ा 1,500 तक पहुंच गया है, जबकि इससे संक्रमित लोगों की संख्या 65,000 के आसपास बताई जा रही है। इस जानलेवा वायरस की चपेट में दुनिया के कई अन्‍य देश भी हैं, जिनमें उत्‍तर कोरिया भी शामिल है, जिसकी चीन के साथ लगभग 880 मील की सीमा लगती है।

उत्‍तर कोरिया में हालांकि आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की गई है कि यहां इस जानलेवा संक्रमण का कोई मामला सामने आया है, लेकिन दक्षिण कोरिया की मीडिया रिपोट्स के अनुसार, उत्‍तर कोरिया में कोरोना वायरस के कई मामले सामने आए हैं, जिनमें से कुछ मरीजों की मौत की भी आशंका है। इन रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया जा रहा है कि उत्‍तर कोरिया में बेहतर स्‍वास्‍थ्‍य व्‍यवस्‍थाएं नहीं होने के करण लोगों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।

‘किम ने दिया मारने का आदेश’
दक्षिण कोरिया की ही एक मीडिया रिपोर्ट में अब यह दावा किय गया है कि उत्‍तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग-उन के आदेश पर चीन का दौरा कर लौटे एक अफसर को गोली मार दी गई। यह दावा दक्षिण कोरिया के अखबार डोन्ग-ए-इलबो न्यूज में किया गया है। इसके मुताबिक, चीन से लौटे उस अफसर को कोरोना वायरस के संक्रमण की आशंका के मद्देनर आइसोलेशन सेंटर में रखा गया था। लेकिन उन्‍होंने गलती से सार्वजनिक शौचालय का इस्तेमाल कर लिया। इसकी जानकारी मिलते ही किम जोंग-उन भड़क गए और उन्‍होंने अधिकारियों ने उस अफसर को गोली मारने का आदेश दे दिया, जिस पर कार्रवाई भी हो गई।

‘अधिकारी को देश निकाला’
वहीं, यूके मिरर की एक रिपोर्ट के मुताबिक, उत्‍तर कोरिया में चीन की यात्रा करने वालों पर खास नजर रखी जा रही है और इस बारे में किसी भी तरह की जानकारी छिपाने पर सैन्‍य कानूनों के तहत कार्रवाई की जा रही है और यहां तक कि ऐसे लोगों को देश निकाला तक दिया जा रहा है। उत्‍तर कोरिया की राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी के एक अधिकारी को भी सिर्फ इसलिए देश निकाला दे दिया गया, क्‍योंकि उन्‍होंने चीन की यात्रा को लेकर जानकारी प्रशासन से छिपाई थी।

झूठ बोल रहा है उत्‍तर कोरिया?
विशेषज्ञों का कहना है कि उत्‍तर कोरिया अपने यहां कोरोना वायरस के संक्रमण की बात को छिपा रहा है, क्‍योंकि चीन में जिस तरह यह बीमारी फैली है, उससे उत्‍तर कोरिया का अछूता रहना संभव नहीं दिखता, जिसकी लगभग 880 मील की सीमा चीन के साथ मिलती है और व्‍यापार के लिए भी वह इस देश पर निर्भर है। ऐसे में अगर वह अपने यहां कोरोना वायरस के संक्रमण से इनकार कर रहा है, उसकी वजह बस इतनी हो सकती है कि वह दुनिया के सामने न तो यह जाहिर करना चाहता है कि इससे निपटने में वह सक्षम नहीं है और न ही किम जोंग-उन अपनी सत्‍ता पर किसी तरह खतरा आने देना चाहते हैं।

विदेशी पर्यटकों पर लगाई रोक
यहां उल्‍लेखनीय है कि उत्‍तर कोरिया ने पहले ही कहा है कि कोरोना वायरस के संक्रमण का कोई भी लक्षण दिखने पर संबंधित व्‍यक्ति को 30 दिन तक आइसोलेशन सेंटर में रखा जाएगा और यह नियम सभी सरकारी संस्थाओं और यहां रहने वाले विदेशी नागरिकों पर भी लागू होगा। उत्‍तर कोरिया के स्वास्‍थ्‍य मंत्रालय की ओर से बीते सप्‍ताह कहा गया था कि यहां कोरोना वायरस का अभी तक कोई ममाला नहीं आया है और यहां ऐसा कोई केस आता है तो उत्‍तर कोरिया इससे निपटने में पूरी तरह सक्षम है। बताया जाता है कि उत्तर कोरिया ने अपने यहां संक्रमण फैलने से रोकने के लिए विदेशी टूर समूहों पर भी पाबंदी लगा दी है, जिनमें अधिकांश चीन से आने वाले लोग होते हैं।

अमेरिका देगा मदद
इस बीच उत्तर कोरिया में स्वास्थ्य सुविधाओं का हवाला देकर रेड क्रॉस ने उस पर लगे प्रतिबंधों को तत्काल हटाने की मांग की है, ताकि वह वायरस का संक्रमण फैलने से रोकने के लिए जरूरी मेडिकल उपकरण व दवाइयां आयात कर सके। उत्‍तर कोरिया अपने परमाणु कार्यक्रमों को लेकर कई तरह के प्रतिबंधों का सामना कर रहा है, पर रेड क्रॉस की इस अपील के बाद अमेरिका की ओर से कहा गया है कि वह कोरोना वायरस से निपटने में उत्‍तर कोरिया को हर संभव मदद देगा।

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