भारत में आरक्षण सभी धर्म के गरीबों को चाहिए ।

क्रांति न्यूज, ब्यूरो प्रमुख- कवि अनिरुद्ध कुमार सिंह. गाजियाबाद – दिनांक-11/02/2020.सभी विपक्षी पार्टी के नेता और कुछ सत्ताधारी पार्टी के नेता शिक्षण संस्थानों एवं सरकारी नौकरियों में आरक्षण मांग रहे हैं । जब संविधान के अनुसार जाति के आधार पर एस.सी,एस.टी.व पिछड़े वर्ग के लोग आरक्षण प्राप्त कर रहे हैं,तब सरकारी नौकरियों एवं पदोन्नति में आरक्षण क्यों चाहिए? सभी विपक्षी पार्टी के नेता भाजपा के नेताओं पर आरक्षण विरोधी होने के दोष क्यों लगा रहे हैं? जब सुप्रीम कोर्ट ने फैसला किया है कि सरकारी नौकरियों एवं पदोन्नति में समानता व योग्यता के आधार सब कुछ होंगे, तो इसमें आरक्षण की क्या आवश्यकता है ? अगर आरक्षण की आवश्यकता है भी तो शिक्षण संस्थानों में जाति के आधार पर आरक्षण क्यों दिए जा रहे हैं? जो नेता समानता एवं भाईचारे स्थापित करने को आतुर है , वे सब संविधान से जातिवाद को मिटाने के लिए जाति आधारित आरक्षण को खत्म करने की मांग सरकार से क्यों नहीं करते हैं? राहुल गांधी और अन्य पार्टी के नेता इस प्रश्न के उत्तर दीजिए कि आप जातिवाद और आरक्षण में से किसे मिटाने के लिए उत्सुक हैं? अगर आप सभी यह चाहते हैं कि आरक्षण रहना चाहिए तो फिर आप जाति निरपेक्ष कानून को निर्माण करेंं और सभी धर्मों के लोगों को गरीबी या आर्थिक आधार पर आरक्षण देने के लिए संघर्ष कीजिए । आप सभी बार-बार आरक्षण के आड़ में राजनीति नहीं करें और साफ शब्दों में जानें कि इस देश में आरक्षण तो आवश्यक है, परंतु जातिवाद नहीं । आप सभी नेता मेरे प्रश्नों के उत्तर दीजिए कि समानता एवं भाईचारे की स्थापना के लिए सबसे पहले जातिवाद को मिटाना आवश्यक है या जाति पर आधारित आरक्षण को कायम रखने की जरूरत? एक बात ध्यान से सुन लीजिए कि आरक्षण के लिए जाति की जगह पर जरूरत के अनुसार आरक्षण लागू होना चाहिए, जिससे भेदभाव मिट सके ।आज के आरक्षण भेदभाव पर आधारित है, जिसे मुफ्त में धनवान लोग फायदा ले रहे हैं । अतः ऐसे आरक्षण के कानून को मिटाने की शीघ्र आवश्यकता है क्योंकि इससे सभी धर्मों के गरीब लोग को कुछ भी फायदे नहीं हैं । अतः अब आरक्षण हटाओ और देश बचाओ के नारे लगाए, जिससे सभी धर्मों के लोगों को लाभ मिल सके । राहुल गांधी और प्रियंका गांधी जी, मैं आपको सलाह दे रहा हूं कि दलितों के नाम पर गंदी राजनीति नहीं करें। मैं आपको सही जवाब देने के लिए राजनीति में आ रहा हूं । आप मुझे श्री नरेन्द्र मोदी जी नहीं समझें, जो आपके प्रश्नों पर मूकदर्शक बने हुए हैं ।अब देश में जातिवाद मिटाओ और कांग्रेस को देश से बाहर भगाओ के नारे लगाए जायेंगे । सवर्ण समाज आरक्षण के खिलाफ नहीं है, परंतु जाति के आधार पर आरक्षण के खिलाफ है क्योंकि इससे देश में समानता और भाईचारे की भावना को ठेस पहुंचती है।

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