सी.ए. ए.के विषय में सच क्या है?

क्रांति न्यूज,ब्यूरो प्रमुख- कवि अनिरुद्ध कुमार सिंह:- गाजियाबाद :- दिनांक- 3/02/2020 जन संपर्क सूत्रों के अनुसार पता चला है कि सी.ए.ए.( नागरिक संशोधन अधिनियम) से भारत में रहने वाले अनपढ़, मजदूर और आदिवासियों की नागरिकता चली जायेगी । कुछ लोगों को कहना है कि इस क़ानून के तहत, जिनके पास आधार कार्ड,वोटर कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट,गैस बुक अथवा अन्य कोई परिचय- पत्र हैं, फिर भी इसके माध्यम से नागरिकता सावित नहीं किए जा सकते । जब मैंने गाजियाबाद के कुछ लोगों से यह प्रश्न पूछा कि सी.ए.ए. के तहत भारत में नागरिकता सावित करने का आधार क्या है? इस प्रश्न के उत्तर में उन्होंने मुझसे कहा कि जिसके पास 1947 और 1971 से पहले दादा के नाम से जमीन की रजिस्ट्री हो और पिता के सरनेम दादा के सरनेम से मिलते हों, तब उनको भारत के नागरिक माने जायेंगे,अन्यथा वे विदेशी कहलायेंगे और इस देश से बाहर ‌किए जायेंगे । इसके बाद मैंने उनसे फिर पूछा कि आप सब यह बात कहां से लायें हैं? इन बातों का सबूत क्या है? क्या आप सभी को इस संबंध में कोई कानून की कागज है? इस प्रश्न के उत्तर में वे सब मुझसे कहा कि हमारे नेता जी ने हम सभी से यह बात बताये हैं। इसके बाद मैंने उनसे फिर पूछा कि यह बात अगर आपके नेता जी ने बताये हैं, तब आप सभी मिलकर उनसे यह प्रश्न पुछिए कि नेताजी यह बात कहां से लाये और इसका क्या प्रमाण है? जब इस प्रश्न के उत्तर प्रमाण सहित दे देंगे, तब आप सही समझिए और मुझे भी बताइए । क्या नेताजी ने राष्ट्रीय नागरिक संशोधन अधिनियम ( सी.ए.ए.) के संबंध में और कुछ भी बताये हैं? इस प्रश्न के उत्तर में उन्होंने मुझसे कहा कि इस देश में साठ प्रतिशत लोग अशिक्षित और बिना जमीन के हैं ।ऐसी स्थिति में इस क़ानून के तहत नागरिकता सावित नहीं किए जा सकते हैं । तब भारत सरकार हम सभी को घूसपैठी मानकर इस देश से बाहर निकाल देंगे? बी.जे.पी. की सरकार मूलनिवासियों को गुलाम बनाने के लिए भारत को हिन्दू राष्ट्र घोषित कर ‌देगें । मैंने उनसे पूछा कि मूल निवासी कौन हैं? यहां रहने वाले तो सभी भारतीय कहलाते हैं ? इस प्रश्न के उत्तर में उन्होंने मुझसे कहा कि सभी बहुजन समाज के लोग मूलनिवासी हैं। मैंने उनसे पूछा कि बहुजन कौन हैं? इस प्रश्न के उत्तर में उन्होंने मुझसे कहा कि बहुजन हीं मूलनिवासी है। तब मैंने उनसे पूछा कि विदेशी कौन हैं? तब उन्होंने मुझसे कहा कि विदेशी पन्द्रह प्रतिशत वाले आर्य लोग हैं।ये लोग हीं असली विदेशी हैं, जो मूलनिवासियों को पराजित कर भारत को गुलाम बना दिए हैं। अभी हमसब गुलाम हैं; आजाद नहीं । मैंने कहा कि भारत तो 1947 ई० से आजाद हैं, फिर भी आप गुलाम कैसे? इस प्रश्न के उत्तर में उन्होंने मुझसे कहा कि भारत की आज़ादी सिर्फ अंग्रेजों से मिली है, लेकिन हिंदूओं से नहीं ।अभी असली आज़ादी तब मिलेगी,जब हिंदुओं से आजादी मिल जाए । इसके बाद मैंने उनसे पूछा कि आप सब अभी किस धर्म को मानने हैं? तब उन्होंने मुझसे कहा कि अभी हम सभी हिंदू धर्म को मानते हैं। तब मैंने उनसे पूछा कि आप हिंदुओं से आजादी चाहते हैं तो आप हिंदू धर्म को क्यों मानते हैं? इस प्रश्न के उत्तर में वे कहते हैं कि हम सभी बौद्ध धर्म के अनुयाई हैं। मैंने उनसे पूछा कि आप बौद्ध धर्म को मानते हैं, तब आपके बौद्ध धर्म मानने का कोई प्रमाण है? इस प्रश्न के उत्तर में उन्होंने मुझसे कहा कि अभी ‌कोई प्रमाण पत्र नहीं है । तब मैंने कहा कि आप सभी बिना प्रमाण के सी.ए.ए. और मूलनिवासी के संबंध में विशेष बात नहीं करें क्योंकि जो आपके मार्गदर्शक हैं , उन्हें स्वयं अपनी भी दशा और दिशा पता नहीं है।जो लोग बहुजन को मूलनिवासी और आर्य को विदेशी कहते हैं, उन्हें इतिहास के बारे में सूई के नोक भर भी जानकारी नहीं है ।जो लोग अपने को मूलनिवासी कहते हैं कि उनसे पूछिए कि आप के किस परिचय पत्र में मूलनिवासी लिखे हुए हैं? आप अपने नेता से पूछिए कि आर्य लोगों को विदेशी होने का परिचय पत्र दिखा दीजिए । सिर्फ अनपढ़ लोगों को गूमराह करने वाले नेता दिशाविहीन हो चुके‌ हैं । भारतीय जनता पार्टी के नेता व कार्यकर्ताओं से मेरा अनुरोध है कि सी.ए.ए. के संबंध में सच क्या है-इसे बताने और समझाने का कष्ट करें क्योंकि देशद्रोहियों ने जनता को गूमराह कर दिए हैं ।

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