अगले हफ्ते बन सकती है महाराष्ट्र में गैर भाजपा सरकार, तीनों दलों ने तैयार किया ब्लूप्रिंट

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता शरद पवार के नेतृत्व में महाराष्ट्र में भावी सरकार के गठन का खाका तैयार हो गया है। शरद पवार के इस ड्राफ्ट पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे की मुहर लग गई है, बस कुछ औपचारिकताएं शेष हैं और इसके बाद सरकार के गठन की प्रक्रिया, दावा सब शुरू हो जाएगा। यह जानकारी देते हुए एनसीपी के एक बड़े नेता ने राहत की सांस ली। सूत्र का कहना है कि 17 नवंबर महाराष्ट्र में घटनाक्रम तेजी से बदलता हुआ दिखेगा। एनसीपी के नेता की इस जानकारी को कांग्रेस पार्टी के महाराष्ट्र के एक पूर्व मुख्यमंत्री ने सही बताया है।

क्यों हुई देर

एनसीपी के सूत्र का कहना है कि शिवसेना से शरद पवार की बातचीत चल रही थी। कांग्रेस पार्टी शरद पवार के ऊपर निर्भर थी। एनसीपी प्रमुख ने इस बारे में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से आरंभिक मंत्रणा करके आगे बढ़े थे। इसलिएएनसीपी प्रमुख की जिम्मेदारी थी कि वह न तो कांग्रेस अध्यक्ष को और न ही शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को किसी अंधेरे में रखे।महाराष्ट्र सरकार में कबीना मंत्री रहे सूत्र का कहना है कि शरद पवार ने जीवन भर राजनीति करकेविश्वसनीयता से भरी पूंजी बनाई है। वह इसके साथ किसी तरह का खिलवाड़ नहीं करना चाहते थे। उच्च पदस्थ सूत्र का कहना है कि राष्ट्रपति शासन लगने से पहले एनसीपी और कांग्रेस दोनों शिवसेना के समर्थन में पत्र सौंप सकते थे। बताते हैं इसके लिए न तो शिवसेना में और न ही कांग्रेस की तरफ से किसी संशय की गुंजाइश थी, लेकिन हमें एक अस्थाई सरकार बनानी थी। सूत्र का कहना है कि शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के साथ महाराष्ट्र की सरकार के गठन कोलेकर कुछ महत्वपूर्ण बिन्दु थे। इन बिन्दुओं पर स्थिति साफ होनी आवश्यक थी। शिवसेना प्रमुख के पुत्र आदित्य ठाकरे के साथ राज्यपाल से समय मांगने गए सूत्र का कहना है कि शिवसेना और एनसीपी दोनों इन्हीं कारणों के चलते राज्यपाल से थोड़ा और समय की मांग कर रही थी।

साझा कार्यक्रम की रूपरेखा तय  
 

कांग्रेस और एनसीपी दोनों धर्मनिरपेक्षता में विश्वास करने का दावा करते हैं। वहीं, शिवसेना हिन्दुत्व की राजनीति करती है। सूत्र बताते हैं विचारधारा के इस स्तर में तालमेल आवश्यक था। इसके लिए कांग्रेस और एनसीपी ने शिवसेना के स्वाभिमान,सम्मान और शिवसेना ने दोनों राजनीतिक दलों के सम्मान, मर्यादा के स्तर पर सहमति का आदान-प्रदान किया है ताकि नई गठित होने वाली शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस के गठबंधन वाली सरकार पांच साल तक चल सके। सूत्र का कहना है कि इसके लिए एक न्यूनतम साझा कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार हुई है। इसमें किसानों, महाराष्ट्र की जनता के मुद्दे और राज्य के विकास को अहमियत दी गई है। न्यूनतम साझा कार्यक्रम तैयार करने के लिए हुई बैठक में कांग्रेस के माणिकराव ठाकरे, पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण, विजय वेडेट्टीवार, एनसीपी के जयंत पाटिल, छगन भुजबल, नवाब मलिक और शिवसेना के एकनाथ शिंदे, सुभाष देसाई और अन्य नेता मौजूद थे। बताते हैं न्यूनतम साझा कार्यक्रम पर शीर्ष नेताओं कीसहमति के बाद कभी भी राज्यपाल के पास सरकार बनाने का दावा पेश किया जा सकता है।

Translate »
क्रान्ति न्यूज - भ्रष्टाचार के खिलाफ क्रांति की मशाल