भारत को धर्मनिरपेक्ष कानून से क्या फायदा ?

क्रांति न्यूज, ब्यूरो प्रमुख -कवि अनिरुद्ध कुमार सिंह :- गाजियाबाद , दिनांक- 30/01/2020 – आजकल जहां देखो,वहां धर्मनिरपेक्ष कानून का बोलबाला है । आखिर भारत को धर्मनिरपेक्ष कानून से क्या फायदा है? जब इस क़ानून से गैर-मुसलमानों को परेशानी है तो धर्म निरपेक्ष कानून को इस देश से जल्द हीं संविधान संशोधन के जरिए हटा देना चाहिए ।अब कोई भी विपक्षी पार्टी के नेतागण सी. ए. ए.(नागरिक संशोधन अधिनियम) ,एन. पी.आर.( राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर) ) और एन. पी.आर.(राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर) पर व्यर्थ की बहस नहीं करें ।अब बहस करना है तो इस प्रश्न पर कीजिए कि इस देश में धर्म निरपेक्ष कानून से गैर-मुसलमानों को क्या लाभ है? जब दुनियां में पचास से अधिक मुस्लिम प्रधान देश है, तब भारत को धर्मनिरपेक्ष कानून की क्या आवश्यकता है? विपक्षी पार्टी के नेता से मैं पूछना चाहता हूं कि आप यह बताइए कि इस धरती पर सबसे ज्यादा मुस्लिम देश हैं तो विदेशी मुसलमानों को भारत का नागरिक क्यों बनाना चाहते हैं? आप अगर विदेशी मुसलमानों को भारत की नागरिकता देना चाहते हैं तो सबसे पहले आप सभी मुस्लिम देशों से कहिए कि आप अपने- अपने देश को धर्मनिरपेक्ष देश घोषित कर दीजिए, तब भारत विदेशी मुसलमानों को भारत की नागरिकता दे देंगे । लेकिन आप ऐसा कार्य नहीं करा सकते हैं तो आप अपनी दोनों कान खोलकर सुन लीजिए और दोनों आंखों से समाचार पढ़ लीजिए कि आप भारत में रहकर इस देश के खिलाफ विरोध प्रदर्शन नहीं कर सकते हैं? जबतक आप वोट के लालच में दुनियां के मुसलमानों को भारतीय नागरिक बनाने की वकालत करते रहेंगे, तब तक आप देशभक्त नहीं बल्कि देशद्रोही कहलाने लायक हैं । आप अगर देशभक्त हैं तो न्याय की बात कीजिए और मुझे कोई भी विपक्षी पार्टी के नेता बता दीजिए कि मुसलमानों के लिए पचासों से अधिक मुस्लिम धर्म प्रधान देश है, तो गैर – मुसलमानों के लिए भारत भी हिन्दू धर्म प्रधान देश बनना चाहिए या नहीं? अगर आप इस विषय पर विपक्षी पार्टी के नेता मुझसे बहस करना चाहते हैं तो आप तैयार हो जाइए । मैं भी आपसे बहस कर के देशहित में जनता को बताना चाहता हूं कि अब भारत को धर्मनिरपेक्ष कानून की कोई आवश्यकता नहीं है क्योंकि इससे गैर-मुसलमानों (हिन्दू,सिख, ईसाई, पारसी,जैन और बौद्ध) को खतरा है । अतः सभी गैर- मुसलमानों ने धर्म निरपेक्ष कानून को देशहित में गलत माना है । विपक्षी पार्टी के नेताओं से मेरा कहना है कि आप नौटंकी छोड़ कर भारत को धर्मनिरपेक्ष देश बनाने में मदद कीजिए , अन्यथा आगे की फैसला जनता कर देगी ।

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