महाराष्ट्र: PK ने उद्धव ठाकरे को दिखाया CM की कुर्सी का सपना!, BJP ने सियासी संग्राम के लिए ठहराया जिम्म

महाराष्ट्र: PK ने  उद्धव ठाकरे को दिखाया CM की कुर्सी का सपना!, BJP ने सियासी संग्राम के लिए ठहराया जिम्मेदार

मुंबई: महाराष्ट्र में सियासी संग्राम चरम पर है। महाराष्ट्र में राजनीतिक राजनीतिक अनिश्चितता के बीच राष्ट्पति शासन लग गया है। शिवसेना इसके विरोध में सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुकी है। इस बीच बीजेपी ने इस पूरे राजनीतिक घमासान के लिए चुनावी रणनीतिकार और जेडीयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि प्रशांत किशोर की वजह से महाराष्ट्र की राजनीति में ये भूचाल आया है।

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बीजेपी ने पीके पर बोला हमला
बीजेपी महिला मोर्चा की नेता व पार्टी के सोशल मीडिया विंग की राष्‍ट्रीय प्रभारी प्रीति गांधी ने ट्वीट कर कहा कि प्रशांत किशोर ले डूबा।
बताया जा रहा है कि प्रशांत किशोर ने ही उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री पद का सपना दिखाया था। इसी को देखते हुए शिवसेना ने बीजेपी ने ढ़ाई साल के सीएम पद मांगा। इसे लेकर ही दोनों दलों में दरार आई। कहा जा रहा है कि बिहार विधानसभा चुनाव में नीतीश की स्थिति मजबूत करने के लिए प्रशांत किशोर ने ये रणनीति अपनाई।
उद्धव ठाकरे के सलाहकार हैं पीके

गौरतलब है कि प्रशांत किशोर शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के सलाहकार के तौर पर काम कर रहे हैं। पीके की सलाह पर शिवसेना ने बीजेपी पर सीएम पद के लिए दबाव डाला। इसके जरिए किशोर ने एक तीर से दो निशाने किए। गौरतलब है कि अगले साल बिहार में विधानसभा चुनाव होने हैं। उन्हें लगता है कि इसके जरिए जेडीयू विधानसभा चुनाव में बीजेपी पर सीटों के बंटवारे को लेकर दबाव डालने में सफल रहेगा। इसी के साथ नीतीश कुमार के लिए साल 2024 की जमीन तैयार कर रहे हैं, ताकि नीतीश की संभावना को बल मिल सके।
शिवसेना-बीजेपी गठबंधन टूटा
गौरतलब है कि शिवसेना का बीजेपी के साथ 30 साल पुराना गठबंधन टूट गया है। वो बीजेपी की सबसे पुरानी सहयोगी पार्टी थी। दरअसल शिवसेना ने बीजेपी के सामने सरकार बनाने को लेकर 50-50 फॉर्मूले की मांग रख दी जिसके मुताबिक ढाई-ढाई साल सरकार चलाने का मॉडल था। शिवसेना का कहना है कि बीजेपी के साथ समझौता इसी फॉर्मूले पर हुआ था लेकिन बीजेपी का दावा है कि ऐसा कोई समझौता नहीं हुआ। सोमवार को मोदी सरकार में कैबिनेट मंत्री के तौर पर कार्य कर रहे शिवसेना सांसद अरविंद सावंत ने कैबिनेट से अपना इस्तीफा दे दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री को इस्तीफा सौंपा।
जेडीयू ने साधा निशाना
वहीं जेडीयू के प्रवक्ता पद से इस्तीफा दे चुके जेडीयू नेता अजय आलोक ने ट्वीट कर प्रशांत किशोर का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधा। अजय आलोक ने ट्वीट कर लिखा कि एक हैं मास्टर स्ट्रैटेजिस्ट। पिछले कुछ दिनों से शिवसेना उनसे ज्ञान ले रही थी, नतीजा सब देख रहे हैं। अब महामहिम ने और समय नहीं दिया। लगता है इस पहलू पर मास्टर साहब ने ध्यान नहीं दिया होगा, नतीजा न तीन में न तेरह में। कहते हैं न गफ़लत में सब गए, माया मिली न राम, जय मातर साब।
एक हैं मास्टर स्ट्रैटेजिस्ट पिछले कुछ दिनो से शिव सेना उनसे ज्ञान ले रही थी नतीजा सब देख रहे हैं -अब महामहिम ने और समय नहीं दिया लगता हैं इस पहलू पे मास्टर साहब ने ध्यान नहीं दिया होगा !!! नतीजा ना तीन में ना तेरह में ! कहते हैं ना गफ़लत में सब गए , माया मिली ना राम ।जय मातर साब
महाराष्ट्र में क्या हैं सियासी समीकरण
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजे 24 अक्टूबर को आए थे। सूबे की 288 विधानसभा सीटों में से बीजेपी को सर्वाधिक 105, शिवसेना को 56, एनसीपी को 54 और कांग्रेस को 44 सीटों पर जीत हासिल हुई है। चुनाव पूर्व गठबंधन कर चुनाव लड़ी बीजेपी और शिवसेना को कुल मिलाकर 161 सीटें मिली हैं। लेकिन सीएम पद को लेकर दोनों पार्टियों में गतिरोध शुरू हो गया और गठबंधन टूट गया। महाराष्ट्र विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल नौ नवंबर को खत्म हो गया।

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