❤खूबी मेरे यार की ❤ रचना कार …महेश राठौर सोनू

खूबसूरती समेटे है चांद की आईने भी शर्माते हैं
उनकी अदा लिखने पर कागज भी शर्माते है

और भी कई खूबी का जिक्र करूंगा मैं मेरे महबूब की
कौंन ज़िक्र करेगा उनकी उस अदा का ……..

जब पलकों को गिरा गिरा कर उठाते हैं
खूबसूरती समेटे हैं चांद की आईने भी शर्माते हैं

चाँद भी शर्त हार जायेगा दावा है मेरा
शायद दूनिया का सबसे हसीन चेहरा है तेरा

गुलाब जैसे फूल भी तेरे बागो मैं आने से घबराते है
खूबसूरती समेटे है चाँद की आईने भी शर्माते है

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