2020 का पहला सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ पहाड़ों पर ताज़ा बर्फबारी तो मैदानों में कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश संभव।

वर्ष का पहला सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत का रूख कर रहा है जिसका असर मैदानी इलाकों में बादलवाही के रूप में देखा भी जा रहा है। इससे पहले नवबर्ष को आए पश्चिमी विक्षोभ के कारण जो कि तीव्रता में बेहद ही कमजोर था उससे निवासियों को यहां पड़ रही कड़कड़ाती ठंड से खासी राहत दी थी।

🔺 वर्तमान में, पश्चिमी विक्षोभ अफगानिस्तान और उत्तरी पाकिस्तान पर बना हुआ है, इस प्रणाली के मद्देनजर दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान और उससे सटे पाकिस्तान पर एक चक्रवाती परिसंचरण के ईजाद होने की उम्मीद है। इन दोनों चीज़ों के संयोजन से 6-8 जनवरी की अवधि के दौरान जम्मू कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी से बहुत भारी बर्फबारी जबकि राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली एनसीआर और उत्तरप्रदेश जैसे निचले इलाकों में मध्यम बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है।

🔺6-8 जनवरी की अवधि के दौरान निम्न स्थानों में मध्यम से भारी वर्षा / बर्फबारी के आसार हैं: –

• जम्मू कश्मीर: – जम्मू, कटरा, उधमपुर, पटनीटॉप, रामबन, बनिहाल, रामनगर, रामगढ़, बटोट, कुलगाम, राजौरी में मध्यम से भारी वर्षा होने का अनुमान है।

♦ गरज के साथ ओलावृष्टि की गतिविधियाँ ऊपर बताई गई जगहों पर भारी बारिश के साथ पृथक तौर पर दर्ज की जा सकती है।

• द्रास, कारगिल, सोनमर्ग, बांदीपोर, कुपवाड़ा, गुलमर्ग, बारामूला, श्रीनगर, पटनीटॉप, पहलगाम, काजीगुंड, भद्रवाह, लेह व लद्दाख पर मध्यम से भारी बर्फबारी का अनुमान है।

♦ उपर्युक्त क्षेत्रों में पृथक स्थानों पर बहुत भारी से भीषण हिमपात हो सकता है।

• हिमाचल प्रदेश: – कांगड़ा, धर्मशाला, चम्बा, हमीरपुर, ऊना, मंडी, नाहन, सोलन, बिलासपुर, सुंदरनगर में मध्यम से भारी बारिश होने की उम्मीद है।

♦ बिजली की गड़गड़ाहट के साथ-साथ ओलावृष्टि गतिविधियों और बारिश के भारी दौर उपरोक्त स्थानों पर पृथक स्थानों पर दर्ज हो सकते हैं।

• केयलांग, कल्पा, लाहौल स्पीति, कुल्लू, शिमला, कुफरी, डलहौजी, चम्बा, मनाली, किन्नौर और आसपास के क्षेत्रों में भारी बर्फबारी की उम्मीद है।

♦ उपर्युक्त क्षेत्रों में अलग-थलग पड़ने वाले स्थानों मुख्यतः केयलोंग, लाहौल स्पीति, किन्नौर व मनाली के आसपास भीषण बर्फबारी देखी जा सकती है।

• उत्तराखंड: – अल्मोड़ा, चंपावत, देहरादून, हरिद्वार, मुक्तेश्वर, मसूरी, पंतनगर, टिहरी, चमोली में विशेष रूप से मध्यम से भारी बारिश होने की उम्मीद है।

♦ऊपर उल्लिखित स्थानों में अलग-अलग ओलावृष्टि गतिविधियों के साथ-साथ बिजली की गड़गड़ाहट हो सकती है।

• बद्रीनाथ, केदारनाथ और चमोली के आसपास भारी से बहुत भारी हिमपात होने की उम्मीद है।

♦ 6-8 जनवरी की अवधि के दौरन जम्मू कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश व उत्तराखंड के अधिकतम तापमान में अच्छी गिरावट होने की उम्मीद है।

🔺 एक प्रेरित चक्रवाती परिसंचरण के साथ 6 जनवरी की देर दोपहर तक उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में बारिश के बादल बनने की संभावना है जिससे 8 जनवरी तक क्षेत्र के प्रभावित होने की संभावना है।

🔺 निम्नलिखित स्थानों पर 6-8 जनवरी की अवधि के दौरान हल्की से मध्यम वर्षा होने की उम्मीद है:

• पंजाब: – ज्यादातर बादल छाए रहेंगे; अमृतसर, पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, बालाचूर, नवांशहर, जालंधर, मोगा, मनसा, बठिंडा, संगरूर, नाभा, लुधियाना, कपूरथला, रूपनगर, सासनगर, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला, मोहाली और चंडीगढ़ में तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जाएगी।

♦ ऊपर उल्लिखित स्थानों पर ओलावृष्टि पृथक स्थानों पर हो सकती हैं।

• हरियाणा और दिल्ली एनसीआर: – मुख्यतः बादल छाए रहेंगे; चंडीगढ़, पंचकुला, यमुनानगर, अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, कैथल, जींद, पानीपत, रोहतक, हिसार, सिरसा, भिवानी, नारनौल, रेवाड़ी, नूंह, मेवात, पलवल, सोनीपत, झज्जर, गुड़गांव, फरीदाबाद और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं देखी जाएंगी।

♦ उपर्युक्त स्थानों में पृथक स्थान ओलावृष्टि की गतिविधियों के साक्षी हो सकते हैं।

• उत्तरप्रदेश: – मुख्यतः बादलवाही; सहारनपुर, मुज़फ़्फ़रनगर, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, बुलंदशहर, मेरठ, बागपत, अलीगढ़, गाज़ियाबाद, गौतम बुद्ध नगर (नोएडा), आगरा, मथुरा, पीलीभीत, कानपुर, झांसी लखनऊ, बांदा, शाहजहांपुर, सीतापुर, हरदोई, फैजाबाद, बलरामपुर, सुल्तानपुर, जौनपुर, प्रयागराज, वाराणसी, मऊ, मिर्जापुर, गोरखपुर व रायबरेली में हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज़ हवाएं दर्ज की जाएंगी।

♦ उपर्युक्त क्षेत्रों में पृथक स्थान ओलावृष्टि की गतिविधियों का दौर देख सकते हैं।

• राजस्थान: – ज्यादातर बादल छाए रहेंगे; श्रीगंगानगर, बीकानेर, हनुमानगढ़, चूरू, झुंझुनूं, सीकर, नागौर, जयपुर, अलवर, सरदारशहर, में हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं दर्ज की जा सकती है।

♦ उपर्युक्त राज्य में पृथक तौर पर ओलावृष्टि की गतिविधियाँ देखी जा सकती हैं।

🔺केवल उत्तर पश्चिमी उत्तर प्रदेश व चंडीगढ़ व साथ लगते इलाकों में ही भारी बारिश के दौर अपेक्षित है। शेष मैदानी इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज किए जाने की उम्मीद है।वहीं दक्षिणी राजस्थान के लगभग शुष्क रहने के ही आसार है।

🔺पश्चिमी विक्षोभ के कारण क्षेत्र में बादलों की आवाजाही में इज़ाफ़ा होगा इसलिए 6-8 जनवरी की अवधि के दौरान रात के तापमान (न्यूनतम तापमान) में पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तरप्रदेश और राजस्थान में 3-5 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की संभावना है। जबकि इसी अवधि के दौरान अधिकतम तापमान के 2-7 डिग्री सेल्सियस तक गिरने की संभावना है।

🔺 6-8 जनवरी के दौरान उत्तर भारत के मैदानी इलाकों के लिए अधिकतम तापमान की अपेक्षित सीमा।

• पंजाब: 14-18 ℃
• हरियाणा: 15-19 ℃
• दिल्ली: 16-20 डिग्री सेल्सियस
• पश्चिमी उत्तरप्रदेश: 15-20 °C
• पूर्वी उत्तराप्रदेश: 18-23 डिग्री सेल्सियस
• उत्तरी राजस्थान: 17-21 डिग्री सेल्सियस
• दक्षिणी राजस्थान: 19-24 डिग्री सेल्सियस

🔺ठंडा दिन पूर्वानुमान: उन्नत बादल और बारिश के कारण 6-8 जनवरी के दौरान पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तरप्रदेश और दिल्ली एनसीआर के विभिन्न इलाकों में शीत दिन दर्ज किया जा सकता है। (जिस दिन अधिकतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस के नीचे या उसके बराबर दर्ज किया जाता है उसे शीत दिन घोषित किया जाता है)

🔺वायु विश्लेषण: – गैर-मौसम गतिविधियों के दौरान 5-10 किमी / घंटा की सामान्य हवा की गति, जबकि गरज के तूफ़ान की गतिविधियों के दौरान हवा की गति 25-30 किमी / घंटा तक बढ़ सकती है और राजस्थान, पंजाब, हरियाणा,दिल्ली व पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 40 किमी / घंटा तक भी दर्ज की जा सकती है।

🔺वायु गुणवत्ता अद्यतन: उत्तरी मैदानी इलाकों में हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी जिसका श्रेय हवा की धीमी गति और ज्यादातर शांत मौसम को जाता है।लेकिन पश्चिमी विक्षोभ के चलते होने वाली बारिश और हवा की तेज गति के कारण 6 जनवरी तक हम उम्मीद करते हैं कि वायु की गुणवत्ता दिल्ली एनसीआर समेत सभी इलाकों में ‘संतोषजनक’ श्रेणी में आएगी।

🔺स्वास्थ्य सलाह: मौसम की स्थिति में अचानक बदलाव सामान्य मानव के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है, क्योंकि एक बार न्यूनतम तापमान में वृद्धि होगी लेकिन बारिश के साथ अधिकतम तापमान गिरने से तापमान में अचानक गिरावट आएगी और यह अंतर स्वास्थ्य से संबंधित दिक्कतें जैसे ठंड और खांसी पैदा कर सकता है। विशेष रूप से बुजुर्ग नागरिकों और बच्चों को इस बदलाव अवधि के दौरान खुद की देखभाल करने की आवश्यकता है।

🔺यात्रा सम्बंधी सलाह : हम उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में भीषण बर्फबारी के साथ व्यापक तौर पर भारी से बहुत भारी बर्फबारी की उम्मीद कर रहे हैं। हम स्थानीय लोगों और पर्यटकों को सलाह देते हैं कि 6-8 जनवरी की अवधि के दौरान जम्मू कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की पहाड़ियों पर यात्रा न करें,भारी बर्फबारी के मद्देनजर बंद रास्तों और भूस्खलन /हिमस्खलन होने की उच्च संभावना है।

🔺किसान विशेष : उत्तरी मैदानी इलाकों में कुछ स्थानों पर मध्यम बारिश और यहां तक ​​कि ओलावृष्टि के नए दौर की संभावना है, इसलिए पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तरप्रदेश में किसानों को सलाह दी जाती है कि वे 6-8 जनवरी की अवधि के दौरान फसलों की सिंचाई से बचें।

🔺 आगामी पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर भारत को 6-8 जनवरी तक प्रभावित करने की उम्मीद है जिसके तत्पश्चात हम उम्मीद कर रहे है कि 9-13 जनवरी की अवधि के दौरान एक बार फिर से चिल्ला जाड़े की वापसी होगी। सर्दी के इस वापसी दौर की सम्पूर्ण जानकारी पूर्ण विश्लेषण के साथ समय उपरांत प्रदान की जाएगी।

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