भोजपुरी गीत- केवन रोग लग गईल |

केवन रोग लग गईल भईल तोहसे प्यार हो |
बुझे नाही केहु रोगवा बहे चहु रोग बयार हो |

मिलल आंखिया होई दुशवार हम नाही जनली|
कही सब पगला गाँव जवार हम नाही जनली |
रहली बेपरवाह हम काहे भईली लाचार हो |
केवन रोग लग गईल भईल तोहसे प्यार हो |

जुल्मी मुस्कान तोहरो तन मे अगिया लगावेला |
रूपवा निखार तोहार रतिया नींदिया उड़ावेला |
लूटी गईल दिलवा खजाना खाली अब हमार हो |
केवन रोग लग गईल भईल तोहसे प्यार हो |

कइसन बिधाता तोहके रचीके बनवले बाड़े |
तू हऊ भगिया हमार बाँची के सुनवले बाड़े |
बोला अब कहीया आई लेके डोलिया कहार हो |
केवन रोग लग गईल भईल तोहसे प्यार हो |

तेल गमकउआ गोरी काहे केसिया लगावेलु |
जेने जेने जालू ओने सगरो मह महकावेलु |
घूमी घूमी देखे तोहके सगरो लोगवा बजार हो |
केवन रोग लग गईल भईल तोहसे प्यार हो |

श्याम कुँवर भारती [राजभर]
कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,

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