राष्ट्रीय आदिवासी महोत्सव / पूर्व से दक्षिण भारत और श्रीलंका से थाईलैंड तक के रंग बिखरेंगे मंच पर

  • तीन दिवसीय महोत्सव: राजधानी के साइंस कॉलेज मैदान में महोत्सव के दूसरे दिन राज्यपाल अनुसुईया उईके होंगी मुख्य अतिथि
  • चार वर्गों में चल रही हैं प्रतियोगिताएं, 6 देशाें व 25 राज्यों के 1350 कलाकार हो रहे हैं महोत्सव में शामिल

kranti news beauro :- रायपुर. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में शुक्रवार से आदिवासी परंपरा के सांस्कृतिक रंग बिखरना शुरू हो गए हैं। आदिवासी थाप पर देश और दुनिया के साथ पूरा प्रदेश थिरक रहा है। राष्ट्रीय आदिवासी महोत्सव के दौरान देश और दुनिया की आदि परंपराओं को मंच पर जीवंत किया जा रहा है। महोत्सव के दूसरे दिन शनिवार को पूर्व से दक्षिण भारत और श्रीलंका से थाईलैंड तक आदिवासी परंपरा का संगीत और नृत्य मंच पर थिरकेगा। इस दौरान राज्यपाल अनुसुईया उईके मुख्य अतिथि होंगी। 

रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में हो रहे आयोजन को लेकर चार हजार दर्शकों की क्षमता वाला विशाल डोम तैयार किया गया है। इसमें दर्शकों के बैठने के साथ ही ग्रीन रूम, फूड जोन और शिल्म ग्राम भी सजा है। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री भूपेश बघेल करेंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत, केंद्रीय राज्यमंत्री रेणुका सिंह, विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, सांसद सुनील सोनी, छाया वर्मा, विधायक सत्यनारायण शर्मा, बृजमोहन अग्रवाल सहित अन्य विधायक शामिल होंगे। 


महोत्सव के दूसरे दिन (28 दिसंबर) : लद्दाख, सिक्किम, अरूणाचल प्रदेश, बेलारूस और छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों के कलाकारों की ओर से रंगारंग प्रस्तुति दी जाएगी। 

  • सुबह 9 बजे से : गुजरात का वसावा, आंध्रप्रदेश का ढिमसा, त्रिपुरा का ममिता, झारखंड का पायका, तमिलनाडु का टोडा, अरूणाचल प्रदेश का आदि, राजस्थान का गवरी, छत्तीसगढ़ के कोंडागांव का हुल्की सहित असम और मध्यप्रदेश राज्य के नृत्य प्रस्तुत किए जाएंगे। 
  • दोपहर 12.50 बजे से : श्रीलंका, थाईलैंड व मालदीव से आमंत्रित कलाकारों की ओर से सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। 
  • दोपहर 3 बजे से : गुजरात के कलाकारों का राठवा, हिमाचल प्रदेश का किन्नौरा, पश्चिम बंगाल का संथाली नृत्य का आयोजन होगा।
  • शाम 5 बजे से : ओडिशा का दुरवा, बिहार का करमा, अंडमान निकोबार का निकोबारी, तेलंगाना का माथुरी, त्रिपुरा का होजागिरी, उत्तराखंड का हारूल, मणिपुर का थांगकुल व छत्तीसगढ़ का दंडामि माड़िया नृत्य प्रस्तुत होगा। 
  • 8.15 बजे से : बंाग्लादेश, युगांडा और बेलारूस देशों से आमंत्रित कलाकारों की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति होगी। 

जीई रोड पर 3 दिन भारी वाहन बैन, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
आदिवासी महोत्सव के दौरान तीन दिन जीई रोड का ट्रैफिक प्रभावित रहेगा। अनुपम गार्डन से मोहबाबाजार के बीच भारी वाहन पूरी तरह से बैन रहेंगे। कारों और छोटी गाड़ियों वाले ही सड़क का उपयोग कर सकेंगे। महोत्सव की सुरक्षा में दो हजार जवान तैनात रहेंगे। महोत्सव के लिए 12 से ज्यादा आईपीएस, 20 एडिशनल एसपी, 50 डीएसपी और 125 इंस्पेक्टर रैंक के अफसरों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा सुरक्षा के लिए अलग-अलग जिलों से 1500 जवानों को बुलाया गया है। 

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