क्षत्रिय देश के रक्षक एवं महान् शासक थे । इस समाचार के ग्यारहवां भाग यहां से पढ़िए :–

क्रांति न्यूज चैनल,( ब्यूरो प्रमुख) कवि अनिरुद्ध कुमार सिंह के द्वारा…
गाजियाबाद – आप दसवीं भाग में पढ चुके हैं कि रावण ने अपनी बहन सूर्पनखा को अपहरण किया था ।अब आप इस भाग में यह पढ़िए कि रावण ने किस कारण से सूर्पनखा को अपहरण किया था? रावण से सूर्पनखा क्यों नफरत करती थी ? रावण ने सूर्पनखा को अपहरण कैसे किया? इन सभी प्रश्नों के उत्तर आप इस भाग में पढ़िए । सूर्पनखा एक विवाहित महिला थी । एक बार किसी युद्ध में रावण ने अपने बहन सूर्पनखा के पति को जान से मार दिया था । तब से ‌सूरपनखा अपने भाई रावण से घोर नफरत करने लगी थी। सूर्पनखा हमेशा रावण से बदला लेने के लिए उचित अवसर के तलाश में रहती थी ।वह हमेशा सोचती रहती थी कि कब मौका मिले कि मैं अपने पति के मौत का बदला रावण से लूं ? इस मौके का इंतजार में वह जंगल में हमेशा भटकती रहती थी । इस प्रकार वह भटकती हुई श्री राम से मुलाकात की । तत्पश्चात उसने श्रीराम से अपनी सभी मन की दुःख बतायी । सूर्पनखा की सभी पीड़ा सुनने के बाद श्री राम ने उससे साधारण विधि से शादी कर लिए और उसे धर्म पत्नी बनाकर सीता के साथ हीं रखने लगे । इधर जब रावण के गुप्तचर ने रावण को बताया कि सूर्पनखा श्री राम जी से प्रेम विवाह कर ली है, तब रावण ने यह बात सुनकर बहुत क्रोध से बोला कि सूर्पनखा तुमने मेरे साथ चल की है । मैं तुम्हें छोड़ूंगा नहीं । मैं तुम्हें राम के साथ नहीं रहने दूंगा । तुम रावण के बहन होकर भी एक क्षत्रिय राजकुमार से मुझसे बिना पूछे शादी कर ली, यह मेरे लिए मृत्यु से भयानक है । मैं मौत ‌सह सकता हूं लेकिन अपमान नहीं
इस प्रकार रावण बोलते हुए कहने लगा कि हाय-हाय सूर्पनखा तूने ये क्या किया, मेरा इज्जत को तूने मिट्टी में मिला दिया ।अब मैं जीऊंगा किस मुंह को लेकर, क्षत्रिय सब हंसेंगे मेरी वीरता के उपर ।अब मैं नहीं तुम्हें छोड़ूंगा, राम से छुड़ाकर तुझे लंका लाउंगा । इस प्रकार रावण वेचारा अपना हाथ से बार-बार सिर पीटकर चिल्ला रहा था कि सूर्पनखा तूने मेरा अपमान किया है, इसलिए मैं तुमको अपहरण करके कठोर दंड दूंगा , ताकि भविष्य में कोई भी औरत भाई से पूछे बिना शादी नहीं कर सके । इस प्रकार रावण कहते- कहते अपमान के आग में जल रहा था । आप बारहवीं भाग में यह पढ़ेंगे कि रावण ने सूर्पनखा को अपहरण कैसे किया । जय, जय श्री राम ।

Translate »
क्रान्ति न्यूज लाइव - भ्रष्टाचार के खिलाफ क्रांति की मशाल