मिलने से पहले ही हम बिछड़ गये , तुम्हें जो पसंद नहीं वही तुमसे कह गए |

मिलने से पहले ही हम बिछड़ गये
तुम्हें जो पसंद नहीं
वही तुमसे कह गए |
अफसोस !
रोक न सके खुद को
न जाने किस धारा में बह गए |
न कोई शोर हुआ
न कोई हलचल हुई
बिना कुछ कहे
आप महफिल ही छोड़ गए |
उम्मीद नहीं मिटी मन से
आपके लौट आने की
किससे करूँ बात
मन को समझाने की
फर्क पड़ता है किसी को किसी के रूठ जाने से
मत मानिए मेरी बात
पर चले आइए किसी किसी बहाने से | — kranti news with Krishna Tawakya Singh.

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