नागरिकता कानून: अखबारों में सरकार ने दिया विज्ञापन, इन अफवाहों से बचने को कहा

kranti news delhi ( repoter )abhishek singh :- नागरिकता कानून: अखबारों में सरकार ने दिया विज्ञापन, इन अफवाहों से बचने को कहा

 नई दिल्ली

नागरिकता संशोधन कानून को लेकर देशभर में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच सरकार ने अखबारों में विज्ञापन जारी कर अफवाहों से बचने की अपील की है। विज्ञापन में कहा गया है कि नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के बारे में गलत सूचना से भ्रमित न हों। इस अधिनियम से जुड़ी कई प्रकार की अफवाहें और गलत सूचना फैलायी जा रही हैं, लेकिन ये किसी भी प्रकार से सच नहीं है। सीएए से जुड़े वास्तविक तथ्य इस प्रकार हैं। सरकार ने जारी विज्ञापन में अफवाह और सच नाम से दो कॉलम प्रकाशित किया है। जिसमें लाल रंग में अफवाह और नीले-काले रंग में सच को दर्शाया गया है।

अफवाह- सीएए का उद्देश्य भारतीय मुस्लिमों से उनकी नागरिकता छीनना है।
सच- सीएए किसी भी धर्म के मौजूदा भारतीय नागरिकों को प्रभावित नहीं करता है। यह 2014 तक भारत में रह रहे प्रताड़ित अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने से संबंधित है, न कि किसी व्यक्ति से नागरिकता छीनता है।

अफवाह- सीएए भारतीय मुस्लिमों को प्रभावित कर सकता है।
सच- यह एक झूठ है। सीएए तीन देशों पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए अल्पसंख्यकों पर लागू होगा। यह मुसलमानों सहित किसी भी धर्म के भारतीय नागरिक को प्रभावित नहीं करता। इसलिए इससे भारतीय मुसलमानों के किसी भी तरह से प्रभावित होने का कोई सवाल ही नहीं है।

अफवाह- ऐसे दस्तावेज जिनसे नागरिकता प्रमाणित होती हो, उन्हें अभी जुटाने होंगे अन्यथा लोगों को निर्वासित कर दिया जाएगा।
सच- गलत। किसी राष्ट्रव्यापी एनआरसी की घोषणा नहीं की गई है। अगर कभी इसकी घोषणा की जाती है तो ऐसी स्थिति में नियम और निर्देश ऐसे बनाए जाएंगे ताकि किसी भी भारतीय नागरिक को परेशानी न हो।

नागरिकता संशोधन अधिनियम किसी भी क्षेत्र के भारतीय नागरिक या किसी धर्म विशेष पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं डालेगा।

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