क्षत्रिय देश के रक्षक एवं महान् शासक थे ।…. इस समाचार के नौवां भाग यहां से पढ़िए…

(क्रांति न्यूज, ब्यूरो प्रमुख कवि अनिरुद्ध कुमार सिंह के द्वारा) गाजियाबाद :- अब मैं आप सभी के सामने क्षत्रिय के उपर लगाए जाने वाले पांचवीं आरोप के विषय में बता रहा हूं । कुछ संकुचित मानसिकता के लेखक – पत्रकार अपनी किताबों में लिखकर असत्य कहानी फैलाते हैं कि सीता जी को रावण ने अपहरण नहीं किया था , बल्कि वह स्वयं रावण के सुंदरता पर मोहित होकर उसके साथ भाग गई थी । इसलिए रावण निर्दोष था और श्री राम दोषी थे । वे सब कहते हैं कि जब सीता बचपन में खेल- खेल में हीं शंकर के धनुष को उठा लेती थी,तब उस धनुष रावण ने जनकपुर में हिला भी नहीं सका था । इस स्थिति में सीता रावण से काफ़ी अधिक मजबूत थी ।ऐसी स्थिति में रावण सीता को अपहरण कैसे कर सकते थे ? अर्थात रावण ने सीता को अपहरण या चोरी नहीं किए थे ।हां, सीता रावण के सुंदरता पर मोहित होने के कारण वह उसके साथ स्वयं भाग कर लंका गई थीं । अतः यह सत्य नहीं है कि रावण ने सीता जी को अपहरण किए थे ।उन लोगों का कहना है कि सीता स्वेछा से रावण के साथ भाग गई थी । सीता श्रीराम से संतुष्ट नहीं थीं , इसलिए वह मौका पाकर रावण के साथ भाग गई थी ।…..
कवि अनिरुद्ध कुमार सिंह— यह सच है कि सीता ने बचपन में खेल-कूद में धनुष को उठाकर इधर से उधर रख देती थी । इस धनुष को रावण सहित अन्य राजा भी हिला नहीं सके थे ।इस प्रकार सीता रावण से बहुत अधिक शक्तिशाली थीं । आप सभी को पता रहना चाहिए कि कोई भी नारी अपने से कमजोर पुरुष के साथ शादी नहीं करती है, तब सीता , नालायक और निर्बल रावण के साथ भागकर लंका क्यों जाती ? दूसरी बात यह है कि रावण शक्तिशाली सीता को अपहरण करके भी नहीं ले जा सकते थे क्योंकि कमजोर पुरुष शक्तिशाली महिला से छेड़छाड़ करने की कोशिश सपने में भी नहीं सोच सकते हैं । सभी पुरुष को भली-भांति पता है कि बलशाली महिला को छूने पर भी कितना भयंकर परिणाम भुगतना पड़ता है ? अतः डरपोक रावण तो सीता को छूना तो दूर, उसे देखने का भी हिम्मत नहीं कर सकता था ।इस प्रकार अगर विचार करें, तो रावण सीता को अपहरण नहीं किया था और नहीं सीता स्वेच्छा से भागकर उसके साथ लंका गई थी । तब सभी के मन में यह प्रश्न उत्पन्न होता है कि रावण किसको अपहरण करके ले गया था ? इस प्रश्न का उत्तर पढ़ने के लिए आप दसवीं भाग का इंतजार करिए ……………………………. जय, जय, जय श्रीराम ।

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