खैर तहसील में अधिकारियों के कार्यालय पर लटके मिले ताले अधिकारी के पास शिकायत लेकर पहुंचे फरियादी परेशान

रिपोर्टर लक्ष्मन सिंह राघव खैर अलीगढ़

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त आदेशों और निर्देशों के बाद भी अलीगढ़ जिले में मौजूद अधिकारियों के कान पर नहीं रेंगती जू, तभी तो बीजेपी विधायक के अचानक तहसील कार्यालय में किए गए दौरे के दौरान अधिकतर अधिकारियों के कार्यालय पर लटके पाए गए ताले तहसील परिसर में मौजूद मिला केवल एक अधिकारी जनता की शिकायतों का भार आखिर कैसे संभालेगा इतने भार को एक अधिकारी ऐसे में तहसील कार्यालय से नदारद अधिकारियों के खिलाफ कब होगी कार्यवाही जहां अधिकारियों की शिकायत के लिए कमिश्नर से लेकर अलीगढ़ के जिला अधिकारी अवगत कराने और प्रदेश के मुख्यमंत्री को बीजेपी विधायक पत्र लिखकर अधिकारियों के शिकायत कर सख्त कार्यवाही की गई मांग।

अलीगढ़ खैर विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक अनूप वाल्मीकि आज सुबह करीब 10:30 बजे तहसील खैर कार्यालय में अचानक निरीक्षण करने के लिए पहुंच। जहां तहसील परिसर में अधिकारियों के पहुंचने से पहले ही पीडि़त फरियादी अपनी फरियाद लेकर तहसील परिसर में उप जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर खड़े हुए थे लेकिन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देशों के बावजूद भी तहसील में तैनात अधिकारियों से लेकर स्टॉक तक विधायक के दौरे के दौरान तहसील कार्यालय के अंदर नजर नहीं आया जब स्थानीय विधायक ने तहसील कार्यालय का दौरा किया इस दौरान खैर तहसील के अंदर जितने भी अधिकारी और कर्मचारी तैनात है उन सभी कर्मचारियों का हाजिरी रजिस्टर चेक किया गया जिसके बाद कैप खैर तहसीलदार 10:15 पर पहुंचे जबकि एसडीएम खैर छुट्टी पर गए हुए थे इस दौरान तहसील में केवल आरके और टाइपिस्ट मौजूद था बाकी तहसील अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों तक पूरा स्टाफ तहसील कार्यालय से नदारद मिला था तहसील परिसर में सप्लाई इंस्पेक्टर के कार्यालय पर 10:25 मे भी ताला लगा मिला, इसी के बराबर में बने वन विभाग के कार्यालय पर भी ताला जड़ा हुआ था जिसके बाद तहसील कार्यालय मे भी तीन अधिकारी नियुक्त उन 3 अधिकारियों में भी मात्र एक अधिकारी तहसील कार्यालय में उपस्थित पाए गए। खैर तहसील मे अचानक निरीक्षण करने पहुंचे बीजेपी के स्थानीय विधायक अनूप वाल्मीकि ने तहसील परिसर के अंदर 10:30 बजे के करीब उप जिलाधिकारी के पास अपनी फरियाद लेकर समय से पहले पहुंचे पीड़ित लोगों को देखकर स्थानीय लोगों से उनकी समस्याओं के बारे में पूछताछ की गई इसके साथ खैर तहसील के अंदर जितने भी अधिकारी और कर्मचारी तैनात है उन सभी कर्मचारियों का हाजिरी रजिस्टर भी चेक किया गया जिसके बाद कैप खैर तहसीलदार 10:15 पर पहुंचे जबकि उप एसडीएम खैर छुट्टी पर गए हुए थे इस दौरान तहसील में केवल आरके और टाइपिस्ट मौजूद था बाकी तहसील का अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों तक पूरा स्टाफ नदारद मिला था तहसील परिसर में सप्लाई इंस्पेक्टर के कार्यालय पर 10:25 मे भी ताला लगा मिला, इसी के बराबर में बने वन विभाग के कार्यालय पर भी ताला जड़ा हुआ था जिसके बाद तहसील कार्यालय पहुंचे तो तहसील कार्यालय मे भी तीन अधिकारी नियुक्त उन 3 अधिकारियों में भी मात्र एक अधिकारी तहसील कार्यालय में उपस्थित पाए गए जबकि कोई भी अधिकारी अपनी तैनाती के बाद जब अपने कार्यालय से बाहर जाता है तो उसका एक रजिस्टर कार्यालय में मौजूद होता है जिसमें बाहर जाते हुए अधिकारी उस रजिस्टर के अंदर जिस काम के लिए बाहर जाते हैं उसके बारे में उस रजिस्ट के अंदर लिख कर जाते हैं लेकिन इस दौरान पूछने पर ना तो तहसील में रजिस्टर मिला और ना ही रजिस्टर के अंदर कुछ किसी तरह का लिखा पाया गया जिसके बाद मंडल आयुक्त अलीगढ़ और जिला अधिकारी अलीगढ़ के साथ एसडीएम खैर को भी इस बारे में अवगत करा दिया गया जिसके बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम पत्र लिखकर जो भी अधिकारी और कर्मचारी है जो सरकार की मानसिकता है उसके अनुरूप अधिकारी और कर्मचारियों को काम करना पड़ेगा और सरकार जनता के प्रति गंभीर है जनता की शिकायत का निस्तारण होना चाहिए ऐसे में अगर कोई अधिकारी समस्या का निस्तारण नहीं करता तो सरकार उसके खिलाफ कार्यवाही जरूर करेगी।

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