17 दिन बाद पॉजिटिव रिपोर्ट देने वाले लैब के संचालक पर, मुकदमा दर्ज

ऐजाज हुसैन ब्यूरो चीफ उत्तराखंड

हल्द्वानी। कोरोना की 17 दिन बाद पॉजिटिव रिपोर्ट देने वाले डॉ0 लाल पैथ लैब पर जहां डीएम ने एक्शन लेते हुए आरटी पीसीआर जांच परमिशन निरस्त कर दी। इसके बाद अब इस मामले में मुकदमा भी दर्ज किया गया है। गणपति विहार निवासी द्वारा अपनी पोती की 12 दिसंबर को इस लैब में कोरोना की जांच कराई गई कई बार लैब के चक्कर लगाने के बाद 17 दिन बाद लाल पैथ लैब ने पॉजिटिव रिपोर्ट दी जबकि उन्होंने दूसरी लैब में जांच कराई तो वहां रिपोर्ट नेगेटिव आई, इसलिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी से शिकायत के बाद जांच में घोर लापरवाही पाई गई जिस पर जिलाधिकारी ने आरटी पीसीआर जांच की परमिशन को निरस्त कर दिया।
वहीं अब कोरोना जांच में लापरवाही पर डॉ0 लाल पैथ लैब संचालक के खिलाफ डॉ0 कमल किशोर कोविड 19 अर्बन नोडल अधिकारी हल्द्वानी क्षेत्र ने थाना मुखानी में एफआईआर दर्ज की है।
गौरतलब है कि गणपति विहार फेज-1 निवासी एचएन पाठक ने शिकायत की कि 12 दिसम्बर को डॉ0 लाल पैथ लैब में अपनी पौत्री की कोरोना जांच कराई थी। लैब द्वारा 17 दिन के पश्चात 28 दिसम्बर को रिपोर्ट उपलब्ध कराई जो कोविड पाॅजिटिव थी। विलम्ब से रिपोर्ट उपलब्ध कराये जाने से कोविड 19 के अन्तर्गत कोरोना संक्रमण की रोकथाम एवं इसके प्रसार हेतु किए जा रहे प्रयास व कार्य प्रभावित हुये हैं, साथ ही लैब द्वारा कोरोना जांच रिपोर्ट को देर से उपलब्ध कराने के साथ ही निर्गत निर्देशों-शर्तो का अनुपालन सुनिश्चित नहीं किये जाने से मानव जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव उत्पन्न हुआ है। डॉ0 कमल किशोर कोविड 19 अर्बन नोडल अधिकारी ने डॉ0 लाल पैथ लैब मुखानी हल्द्वानी के विरूद्व डिजास्टर मनेजमेंट एक्ट एवं भारतीय दण्ड संहिता की धारा 269 एवं 270 के अधीन प्राथमिकी दर्ज की गई है।

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