पाकिस्तान : इमरान खान के खिलाफ विपक्ष एकजुट, लाहौर में पीडीएम ने दिखाई ताकत

आर्थिक तंगी से जूझ रहे पाकिस्तान में मंहगाई, बेरोजगारी और कोरोना वायरस के चलते डांवाडोल स्वास्थ्य व्यवस्था जैसी तमाम समस्याओं से जनता तंग आ चुकी है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के प्रति जनता में भारी रोष है। वहीं दूसरी ओर पाकिस्तानी विपक्षी दलों ने एकजुट हो इमरान खान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इमरान के खिलाफ विपक्षी गठबंधन पीडीएम ने रविवार को लाहौर की मीनार-ए-पाकिस्तान से अपनी ताकत दिखाई। 

11 राजनीतिक पार्टियों के गठबंधन पीडीएम ने सरकार विरोधी अभियान के पहले चरण की अंतिम रैली में रविवार को लाहौर के मीनार-ए-पाकिस्तान से अपनी ताकत दिखाई। इमरान सरकार के खिलाफ आयोजित किए गए पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) के लाहौर जलसे के लिए भारी भीड़ जुटी। इस विशाल रैली का आयोजन पाकिस्तान मुस्लिम लीग (पीएमएल-एन) ने किया है। लाहौर के मीनार-ए-पाकिस्तान मैदान में उमड़े जनसैलाब को संबोधित करने के लिए पीडीएम के मुखिया मौलाना फजलुर रहमान, पीएमएल-एन की उपाध्यक्ष मरयम नवाज और पीपीपी के चेयरमैन बिलावल भुट्टो जरदारी पहुंचे।
रैली शुरू होने के घंटों पहले से भीड़ मैदान में जुटने लगी और नारेबाजी की जाने लगी। बड़े से मंच पर नेताओं के बैठने की तैयारी की गई है और बम निरोधक दस्ता कार्यक्रमस्थल का जायजा ले चुका है।

 रैली रोकने पर सरकार ने लगा दिया पूरा जोर
इमरान सरकार विपक्ष की इस रैली को रोकने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाए हुए थे। रैली को रोकने लिए इमरान सरकार ने रैली स्थल के पास कोरोना वायरस स्मार्ट लॉकडाउन की घोषणा कर दी थी, ऐसे में इस लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों को जेल में डाला जा सकता है। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब सरकार के स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि यह लॉकडाउन रविवार सुबह से 25 दिसंबर तक जारी रहेगा।

कार्रवाई की दी थी चेतावनी
पीडीएम नेताओं पर सुरक्षा खतरे के अलर्ट जारी किए गए। सरकार ने भी कोरोना के बाबत इस रैली का नहीं करने का आग्रह किया है। पंजाब के मुख्यमंत्री उस्मान बुजदार ने विपक्षियों को चेतावनी दी कि यदि कानून का उल्लंघन किया गया, तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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