दिल्ली के सिंधु बॉर्डर पर लगातार चल रहे किसानों के प्रदर्शन के समर्थन में मऊरानीपुर के किसान उतरे सड़कों पर।

झांसी से गिरवर सिंह की रिपोर्ट

झाँसी के मऊरानीपुर तहसील में आज विभिन्न किसान संगठनों ने एकत्रित होकर महामहिम राष्ट्रपति के नाम संबंधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी मऊरानीपुर को सौंपा।
किसान संगठनों का प्रदर्शन मऊरानीपुर तहसील से शुरू होते हुए नगर के मुख्य चौराहों से चलकर अंबेडकर चौराहे पर पहुंचा। जहां पर उप जिलाधिकारी मऊरानीपुर अंकित श्रीवास्तव ने किसानों की विभिन्न मांगों से संबंधित ज्ञापन लिया।
ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने बताया कि हाल ही में किसान हित के नाम पर भारत सरकार द्वारा तीन कृषि अध्यादेशों को पारित किया गया है। वह अध्यादेश सरकार तत्काल प्रभाव से वापस ले। किसानों ने बताया कि कृषि संकट एक सरकार के कार्यकाल में नहीं बना है बल्कि सभी सरकारों द्वारा किसानों की अनदेखी करने का परिणाम है। यदि आजादी के बाद से किसान हित में अपनाई गई नीतियां लागू होती तो आज भारत में कृषि कार्य रोजगार का एक बेहतरीन विकल्प होता। लेकिन आज भारतीय कृषि रोजगार के रूप में एक अभिशाप बना दिया गया है। किसानों ने ज्ञापन के माध्यम से कृषि अध्यादेश को तत्काल वापस लेने तथा किसी सुधारों पर प्राथमिकता के आधार पर कुछ सुझाव भी सरकार को दिए। जिसमें सर्वप्रथम राष्ट्रीय किसान आयोग का गठन किया जाए जिसमें सभी सदस्य किसान हो। भारतीय किसान की दशा व दिशा तय करने का अधिकार राष्ट्रीय किसान आयोग को मिले। कृषि उत्पादन में मूलभूत आवश्यकता में जैसे बीज खाद सिंचाई बिजली कृषि यंत्रों की उपलब्धता आदि जरूरतों का समय से किसानों तक पहुंचाना सुनिश्चित हो सके। स्थानीय प्रशासन की किसानों के प्रति शासकीय कार्य शैली में आमूलचूल परिवर्तन की आवश्यकता है। न्यूनतम समर्थन मूल्य की पूरी प्रक्रिया किसान हित में नहीं है क्योंकि न्यूनतम समर्थन मूल्य के निर्धारण में फसलों के उत्पादन की परिचालन लागत में कई कारकों के चलते अलग-अलग राज्यों में बुनियादी लागत से ज्यादा अंतर देखने को मिल रहा है आदि मांगों और सुझावों को ज्ञापन में शामिल किया गया है।

इस दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल भी मौजूद रहा।

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