🍓 GYAN KE MOTI 🍓

मनुष्य की वास्तविक सुन्दरता उसका सुन्दर तन नहीं अपितु सुन्दर मन है। गुण न हो तो रूप व्यर्थ है क्योंकि जीवन रूपवान होकर नहीं, गुणवान होकर जिया जाता है।

समाज अच्छे (चित्र) रूप वालों को नहीं अपितु अच्छे चरित्र वालों को पूज्यनीय मानता है। अत: कुल और रूप कितना भी सुन्दर क्यों न हो मगर सदगुणों के अभाव में दोनों का कोई महत्व नहीं।

सदैव जपें – 👇👇

“हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे|
हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे॥”

हरे कृष्ण! सुप्रभातं!!
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