यात्री रेलगाड़ियों की बहाली ने प्रवासियों के चेहरों पर लौटाई रौनक

जालंधर, (विशाल)यात्री रेलगाड़ियां पुनः शुरू होने से बिहार और उत्तर प्रदेश राज्यों से संबंधित प्रवासियों के चेहरों पर रौनक लौट आई है क्योंकि अब वे घर लौटकर अपनों को सुख-दुख में शामिल हो सकेंगे। सिटी रेलवे स्टेशन से मिली जानकारी मुताबिक अमृतसर-जयनगर एक्सप्रेस, जिसे शहीद एक्सप्रेस कहा जाता है, में साढ़े 3 बजे लगभग 243 प्रवासी शहर से अपने घरों के लिए रवाना हुए। जबकि बुधवार को लगभग 112 यात्री बिहार और उत्तर प्रदेश जाने के लिए सिटी रेलवे स्टेशन से ट्रेन में सवार हुए थे। 23 वर्षीय नेहा, जो अपने परिवार के साथ गोरखपुर में अपनी चचेरी बहन के विवाह में शामल होने जा रही थी, ने कहा कि रेलगाड़ियां बंद होने के कारण उन्होंने गोरखपुर जाने का प्रोगराम रद्द कर दिया था परन्तु पंजाब सरकार की तरफ से उठाए गए कदमों की बदौलत रेल यातायात फिर शुरू होने से अब वह विवाह समारोहों में शामिल हो सकेंगे, जिसके लिए राज्य सरकार धन्यवाद की पात्र है। उन्होंने बताया कि उनकी चचेरी बहन का विवाह 30 नवंबर को है और रेल सेवाएं शुरू होने के बाद वह इस विवाह समारोह में शामिल होने के लिए जा रहे हैं।छपरा, बिहार के 38 वर्षीय संजीव कुमार, जोकि यहां निर्माण ठेकेदार के तौर पर काम करता है, ने बताया कि उनके परिवार की तरफ से बिहार में जागरण करवाया जा रहा है और रेलगाड़ीयां न चलने से उनका इस धार्मिक समागम में शामिल होना मुमकिन नहीं था। उन्होंने बताया कि वह 20 नवंबर को छठ के त्योहार मौके भी अपने कस्बे छपरा नहीं जा सके थे। संजीव कुमार ने रेलवे मंत्रालय के साथ प्रभावशाली बातचीत के लिए पंजाब सरकार का धन्यवाद किया, जिसके सकारात्मक नतीजे सामने आए और आज वह अपने परिवार को मिलने और समागम में शामल होने के लिए जा रहा है। 40 वर्षीय फैक्ट्री वर्कर अरविन्द मिश्रा, जो अपनी बीमार मां को मिलने बिहार के समस्तीपुर में जा रहे थे, ने बताया कि वह पिछले आठ महीनों से अपने शहर नहीं जा पा रहे थे। उन्होंने कहा कि वह बहुत बेसब्री के साथ रेल सेवाओं की बहाली का इंतज़ार कर रहे थे। उन्होंने बताया कि उनकी मां की तबीयत ठीक नहीं है और उन्हें अस्पताल में दाख़िल करवाया गया है। उन्होंने कहा कि अब वह अपनी मां को मिलने जा रहे हैं ताकि उनकी सही देखभाल कर सकें

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