कॉल ना उठाने वाले अधिकारियों पर कसा शिकंजा सरकार ने दिए कॉल ना उठाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश

जनहित के कार्यो के लिए सरकार की सराहनीय पहल

भ्रष्ट अफसरों के खिलाफ योगी सख्त, 1 साल में 600 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई  100 अधिकारी रडार पर - India TV Hindi News

लगातार मीडिया में खबरें आ रही थी कि कोई भी जिलाधिकारी ,कोई भी डीएम ,एसडीएम , एसएसपी , डीसीपी,एसपी,एसीपी,एसएचओ, जनता ,फरियादी या परेशान नागरिक, को अपना कोई काम करवाना हो या अधिकारी को सूचना देनी हो , शिकायत करनी हो, कहने का तात्पर्य है कि सूचनाओं का आदान प्रदान करने के लिए जब किसी अधिकारी को फोन किया जाता है तो कोई भी अधिकारी फोन रिसीव नहीं करता है अगर कोई अधिकारी को सूचना दे तो कहां ? कोई फरियाद करे तो करे कहां? क्योंकि फोन अक्सर या तो अधिकारी के असिस्टेंट, पीआरओ या उनका पिए उठाते थे ।‌ऐसे मे सूचनाओं का आदान प्रदान किया जाता असंभव था तो सूचनाएं अधिकारी तक पहुंचती थी या नही पहुंची थी ? या अधिकारी यह बहाना करते थे कि हमें सूचना नहीं मिली , मेरी नॉलेज में नहीं है , मेरी जानकारी में नहीं है , इन सब बहानों पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने अपनी कमर कस ली है और जनहित में एक अच्छी पहल करते हुए ऐसे अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने के लिए नए नियम लागू किए हैं । इस तरह के बहाने बनाने वाले अधिकारियों पर सख्त नियम लागू किया गया है जिसके निर्देश जारी कर दिए गए हैं, । मीडिया में लगातार आई खबरों के चलते और पूरे देश से ऐसी शिकायतें मिल रही थी जिस अधिकारी को फोन किया जाता है वह फोन रिसीव नहीं करता है ।जिससे फरियादी अपनी फरियाद अधिकारी तक नहीं पहुंचा पाते हैं । ऐसी ही शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने सख्त निर्देश जारी किए हैं । यह निर्देश उन अधिकारियों के लिए जारी किए गए हैं जो बहुत ही बहाना बाजी करते थे और जनता की कॉल को अनदेखा करते थे ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही करने हेतु मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बहुत ही सकारात्मक पहल करते हुए सख्त निर्देश जारी किए हैं राज्य की पुलिस हो या सरकारी महकमे में बैठे हुए जिलाअधिकारी, डीएम ,एसडीएम हो या कोई भी पुलिस अधिकारी सरकार ने इन सब पर शिकंजा कसते हुए सख्त सख्त निर्देश जारी किया है ।सरकार ने निर्देश देते हुए कहा है कि अगर कोई अधिकारी जनता का या किसी का भी फोन रिसीव नहीं करता है और उसकी बात को नहीं सुनता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ।
क्योंकि देखा यह जा रहा था कि अधिकारी अक्सर व्हाट्सएप और अपने पर्सनल दोस्तों के साथ ओनडूयूटी फोन में व्यस्त रहते हैं लंबी-लंबी वार्तालाप में समय बर्बाद करते हैं जनता उनसे मिलने के लिए कतारों में बैठी होती है या फरियादी उन्हें फोन करते करते परेशान हो जाते हैं जब भी कोई परेशान हालात में या कोई शिकायत करता है या कोई जानकारी देने के लिए इनको जानकारी देने या लेने के लिए कॉल करता तो यह उसे अनदेखा कर देते थे और फोन रिसीव नहीं करते थे । अक्सर कॉल को इनके स्टाफ के लोग उठाते थे जिसकी बड़े स्तर पर कंप्लेंट थी अब सरकार ने ऐसे अधिकारियों पर शिकंजा कसने के लिए अपनी कमर कस ली है और जनता के लिए भगवान बनकर बैठे ऐसे अधिकारियों के ऊपर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए है अगर कोई भी अधिकारी किसी का भी फोन रिसीव नहीं करता है या उसका फोन अन्य कोई रिसीव करता हैं तो ऐसे अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए जाएं गये है और यह भी संभव है कि अधिकारी पर सख्त कार्रवाई करते हुए उसे अपनी नौकरी से भी हाथ धोना पड़ सकता है ।रियलिटी टेस्ट को चेक करने के लिए सरकार में बैठे हुए लोग भी इनको कॉल करेगे । जांच मे दोषी पाए जाने वाले पर कार्रवाई की जाएगी । डीएम हो एसडीएम हो ,एमएसपी या एसपी लेवल के अधिकारी हो यह नियम सब पर लागू किया गया है अधिकारी को फरियादी के खुद फोन उठाने हैं । इस नियम को सख्ती से लागू कराने के लिये सरकार ने अपनी कमर कस ली है । सरकार ने डीएम एसडीएम एसएसपी डीसीपी एसपी,और ऐसएचओ, लेबल के अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा गया है कि आप फरियादियों का फोन खुद उठाएंगे सरकार ने कहा है कि अधिकारी जिला अधिकारी सबको अपना फोन खुद रिसीव करना है । कोई अधिकारी इसकी अनदेखी करता है या उनका फोन कोई पीआरओ, कोई असिस्टेंट पिए को उठाने का अधिकार नहीं। यह पहले इसलिए की गई है उत्तर प्रदेश से ही नहीं पूरे भारतवर्ष से यह खबरें आ रही थी कि अधिकारी फोन नहीं उठाते हैं तो फरियादी का ही फोन नहीं उठाया जाए तो कोई फरियाद करे कहां जिस पर संज्ञान लेते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्य योगी नाथ ने यह सख्त निर्देश दिए हैं ।

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