पंजाब मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर के बेटे से ईडी ने की पांच घंटे तक पूछताछ

जालंधर (विशाल )-विदेशों में बेनामी सम्पति और बैंक खातों में लेन-देन के मामले में पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के बेटे रणइंदर सिंह आज एफोरस्र्मेंट डायरेक्टोरेट के अधिकारियों के सामने पेश हुए। ईडी अधिकारियों ने लगभग पांच घंटे तक उनसे पूछताछ की। ईडी कार्यालय से बाहर आने के बाद रणइंदर ने कहा कि उनके पास छिपाने को कुछ नहीं है। वह हर वक्त पूछताछ के लिए उपलब्ध हैं। राजनीतिक बदले की भावना से पूछताछ के सवाल पर कहा कि उनके परिवार को निशाना बनाया जा रहा है। इससे पहले रणइंदर दो बार विभिन्न कारणों के चलते ईडी के समक्ष पेश नहीं हुए थे। रणइंदर सिंह के साथ उनके एडवोकेट व पनसप के चेयरमैन तेजेंद्र बिट्टू भी ईडी कार्यालय पहुंचे थे। प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों द्वारा रणइन्दर से पांच घंटे तक पूछताछ की गई। प्रदेश के मुख्यमंत्री के बेटे होने के नाते जालंधर कमिश्नरेट पुलिस की तरफ से भी ईडी ऑफिस के आसपास सुरक्षा चाक-चौबंद की गई थी। वहीं, प्रवर्तन निदेशालय के मुलाजिम बार-बार खिड़कियों से नीचे सुरक्षा व्यवस्था और मीडिया कर्मियों की मौजूदगी की जानकारी लेकर अधिकारियों को लगातार सूचित कर रहे थे। रणइंदर सिंह के ईडी कार्यालय पहुंचने के मौके पर डीसीपी गुरमीत सिंह, एसीपी मॉडल टाउन एचएस गिल व एसीपी हरसिमरत सिंह भी मौजूद थे। इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के बेटे रणइंदर सिंह को अब 19 नवंबर को हाजिर होने को लेकर समन जारी किया था। इससे पहले 6 नवंबर को रणइंदर को पेश होने के लिए ईडी ने कहा था लेकिन उन्होंने कोरोना वायरस टेस्ट का हवाला देकर 6 नवंबर को हाजिर होने में असमर्थता जताई थी। बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के बेटे रणइंदर के विदेश में बैंक खातों व ब्रिटिश आइसलैंड में ट्रस्ट बनाने के मामले को जांच कर रहा है। इससे पहले अक्टूबर में भी रणइंदर ईडी के समक्ष पेश नहीं हुए थे। ईडी ने पहली बार वर्ष 2016 में रणइंदर सिंह को समन भेजा था लेकिन वे जांच में सहयोग के लिए नहीं पहुंचे थे। तब ईडी दफ्तर में रणइंदर का काफी देर तक इंतजार होता रहा था।

Translate »
क्रान्ति न्यूज - भ्रष्टाचार के खिलाफ क्रांति की मशाल