सुप्रीम कोर्ट के फैसले का योगी सरकार ने किया स्वागत, जल्द होंगी बाकी 37 हजार शिक्षक भर्तियां

69 हजार सहायक शिक्षकों की भर्ती

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने 69 हजार सहायक शिक्षकों की भर्ती मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का स्वागत किया है और कहा कि मामले में बाकी 37 हजार से ज्यादा पदों की भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।

प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री सतीश द्विवेदी ने कहा कि इससे बेसिक शिक्षा परिषद में 69 हजार सहायक अध्यापकों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है। बाकी बचे पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में शिक्षामित्रों को एक और मौका देने का भी स्वागत किया।
उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय के इस फैसले ने योगी सरकार के हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के फैसले पर भी मुहर लगा दी। मैं सहायक शिक्षक भर्ती में शामिल सभी अभ्यर्थियों को बधाई देता हूं। बता दें कि बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने सहायक शिक्षकों की भर्ती मामले में यूपी शिक्षा मित्र एसोसिएशन द्वारा दायर अपील को खारिज कर दिया। शीर्ष अदालत ने शिक्षा मित्रों को संबंधित परीक्षाओं में भाग लेने का एक अंतिम मौका दिया है। इससे पहले 24 जुलाई को सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
शीर्ष अदालत ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले को सही ठहराते हुए कहा है कि कट ऑफ 60 से 65 ही रहेगा। इससे उत्तर प्रदेश में प्राथमिक शिक्षकों के रूप में योग्यता प्राप्त करने के लिए लगभग 38 हजार शिक्षा मित्रों को कट-ऑफ अंकों में छूट नहीं मिलेगी। हालांकि, सभी शिक्षा मित्रों को एक मौका और मिलेगा।

शिक्षक भर्ती मामले में पहले ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 19 सितंबर को 31661 पदों को एक हफ्ते के अंदर भरने का निर्देश दिया था। इन पदों पर यूपी सरकार के मौजूदा कट ऑफ 60-65 के आधार पर भर्ती होगी। न्यायालय ने सुनवाई के दौरान यूपी सरकार के हलफनामे को रिकॉर्ड में लिया इसमें कहा गया था कि नए कट ऑफ की वजह से नौकरी से वंचित रह गए शिक्षा मित्र को अगले साल एक और मौका दिया जाएगा।
शिक्षामित्रों ने दी थी ये दलील
छात्रों के एक गुट का कहना था कि सरकार का परीक्षा के बाद कट ऑफ निर्धारित करना गलत है। छह मार्च को इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने यूपी सरकार के फैसले को सही मानते हुए भर्ती प्रक्रिया को तीन महीने के अंदर पूरी करने का आदेश दिया था। मगर शिक्षामित्रों ने कट ऑफ मार्क्स को लेकर इसका विरोध किया और इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले को शीर्ष अदालत में चुनौती दी थी।

शिक्षामित्रों का कहना है कि लिखित परीक्षा में टोटल 45,357 शिक्षामित्रों ने फॉर्म डाला था, जिसमें से 8,018 शिक्षामित्र 60-65 प्रतिशत के साथ पास हुए लेकिन इसका कोई डाटा नहीं है कि कितने शिक्षामित्र 40-45 के कटऑफ पर पास हुए। इसी वजह से 69 हजार पदों में से 37,339 पद रिजर्व करके सहायक शिक्षक भर्ती की जाए या फिर पूरी भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए।

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