गवर्मेंट टीचर्स यूनियन ने (जीटीयू) ने फूंकी पंजाब सरकार की अर्थी

जालंधर (विशाल ) नए भर्ती हुए मुलाजिमों पर केंद्रीय पे स्केल लागू करने के विरोध में गवर्नमेंट टीचर्स यूनियन (जीटीयू) ने प्रदेश सरकार की अर्थी फूंककर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान सभी जिलों में सरकार की तरफ से जारी आदेशों के पेपरों को भी जलाया गया। जालंधर में जिला प्रधान करनैल फिल्लौर के नेतृत्व में पहले रोष रैली निकाली गई और उसके बाद अर्थी फूंक प्रदर्शन किया गया।इस मौके पर जीटीयू के महासचिव गणेश भगत ने कहा कि राज्य सरकार एक तरफ कृषि सुधार कानून रद करवाने के लिए किसानों के हक में नए कानून बनाने की ड्रामा कर रही है तो दूसरी तरफ अध्यापकों और कर्मचारियों पर जबरदस्ती केंद्रीय पे स्कूल लागू किया जा रहा है। केंद्र के मुलाजिमों की तरह मिलती डीए की रहती किश्तें और पिछला बकाया रकम देने में भी राज्य सरकार आनाकानी कर रही है। उन्होंने कहा कि आनलाइन शिक्षा के नाम पर अध्यापकों से 18-18 घंटे और छुट्टी वाले दिन भी काम लेना बंद किया जाए, अधिकारी आनलाइन मीटिंग समय पर करें, शिक्षा का निजीकरण और व्यापारीकरण बंद किया जाए। उन्होंने कहा कि यूनियन के सभी सदस्य 26 नवंबर को होने वाली देशव्यापी हड़ताल का भी समर्थन करेंगे।इस दौरान पीएसएसएफ के प्रदेश महासचिव तीर्थ सिंह बासी, डीटीएफ के जिला प्रधान गुरमीत कोटली ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि संघर्ष को कामयाब बनाने के लिए सभी ब्लाकों के प्रधानों की ड्यूटी लगा दी गई हैं। अधिक से अधिक कर्मचारी इस प्रदर्शन में शामिल होंगे।इस मौके पर तीर्थ सिंह बासी, बलजीत सिंह कुलार, रामपाल महे, कुलदीप वालिया, हरमनजोत सिंह, निर्मोलक सिंह हीरा, बलवीर भगत, मंगत राम, बूटा राम, सुखविंदर राम, सुखविंदर सिंह मक्कड़, मुल्खराज, जतिंदर सिंह, बाल कृष्ण, प्रणाम सिंह, कुलवंत सिंह, मनलीकत, हरविंदर सिंह, कृष्ण लाल, संतोष कुमार, विनोद भट्टी, मनजिंदर, गुरिंदर, शिवराज, दलवीर, कुलदीप सिंह, करनैल सिंह आदि थे

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