राज्यपाल ने अर्नब की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर जताई चिंता, गृह मंत्री देशमुख से की बात

इंटीरियर डिजायनर को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी को लेकर महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने राज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख से बात की। राजभवन की तरफ से इसकी जानकारी दी गई है। 

राजभवन ने बताया कि राज्यपाल कोश्यारी ने गृह मंत्री देशमुख को अर्नब गोस्वामी की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर अपनी चिंता से अवगत कराया। उन्होंने गृह मंत्री से गोस्वामी के परिवार को उन्हें देखने और उनसे बात करने की अनुमति देने के लिए भी कहा।  
 

बता दें कि अर्नब गोस्वामी और अन्य दो को रायगढ़ जिले की अलीबाग पुलिस ने बकाया राशि का भुगतान नहीं होने पर इंटीरियर डिजाइनर अन्वय नाइक और उनकी मां द्वारा की गई कथित आत्महत्या से संबंधित मामले में चार नवंबर को गिरफ्तार किया था। फिलहाल, वे 18 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में हैं।

अर्नब ने दायर की जमानत याचिका 
वहीं, रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी ने अलीबाग सेशन कोर्ट में जमानत याचिका दायर की। 

अर्नब की जमानत याचिका पर आज आएगा फैसला 
रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी और दो अन्य की तरफ से दायर जमानत याचिका पर सोमवार को फैसला सुनाया जाएगा। बॉम्बे हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति एसएस शिंदे और न्यायमूर्ति एमएस कार्णिक की पीठ ने शनिवार को दिनभर चली सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था।

वरिष्ठ पत्रकार अर्नब और दो अन्य आरोपियों फिरोज शेख और नीतीश शारदा ने अपनी गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए हाईकोर्ट में अंतरिम जमानत याचिका दायर की है। इस पर अपना फैसला सुरक्षित रखते हुए पीठ ने कहा था कि आरोपी चाहें तो जमानत के लिए सत्र न्यायालय में आवेदन कर सकते हैं। लेकिन शनिवार को ही हाईकोर्ट की वेबसाइट पर देर रात जारी नोटिस में कहा गया कि इस मामले में पीठ नौ नवंबर को दोपहर तीन बजे के बाद अपना फैसला सुनाएगी।  

क्या है मामला 
यह मामला साल 2018 का है, जब 53 वर्षीय इंटीरियर डिजाइनर अन्वय नाइक और उनकी मां कुमुद नाइक ने मई 2018 में अलीबाग में आत्महत्या कर ली थी। पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट मिला था, जिसमें कथित तौर पर कहा गया कि अर्नब गोस्वामी और दो अन्य लोगों ने उन्हें 5.40 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया। इस कारण उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ गई और उन्हें यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा।  

Translate »
क्रान्ति न्यूज - भ्रष्टाचार के खिलाफ क्रांति की मशाल