पंजाब में किसान आंदोलन के कारण ट्रेनों की आवाजाही पूरी तरह से ठप होने के कारण बाहरी राज्यों के लोग परेशान

जालंधर (विशाल ) – पंजाब में कृषि कानूनों के विरोध को लेकर किसान रेलवे ट्रेकों पर जमे हुए थे। इसके कारण लंबे समय से यहां ट्रेनों की आवाजाही पूरी तरह से बंद थी। बाद मेें किसान ट्रेकों से उठे तो कुछ दिन मालगाड़ियां चलाई गई, लेकिन फिर इसके बाद इन्हें अचानक बंद कर दिया गया। ट्रेनों की आवाजाही फिर कब से शुरू होगी अभी इस बारेे मेें कुछ पता नहीं है। इसका सबसे ज्यादा खामियाजा बिहार, उत्तर प्रदेश व अन्य राज्यों के लोगों को उठाना पड़ रहा है। दिवाली के त्योहार की खुशियां अपने घर पर मनाने के इच्छुक बाहरी राज्यों के लोग परेशान हैं। अभी यह पता नहीं हैं कि दिवाली या छठ तक ट्रेनों की आवाजाही शुरू होगी या नहीं। भारतीय किसान यूनियन चाहे मालगाड़ियों के लिए रेलवे लाइनों को छोड़ने के लिए रजामंद हो गया है, लेकिन जत्थेबंदियों का यात्री गाड़ियां न चलने देने की स्थिति बरकरार है।पंजाब आने के इच्छुक ही नहीं बल्कि पंजाब से अपने राज्यों को जाने वाले भी इस मुसीबत का सामना कर रहे हैं। दिवाली, छठ पूजा मौकों को अपने परिवारों के साथ मनाने की खुशी की इस बार किसान आंदोलन की भेंट चढ़ने की संभावना बनी हुई है त्योहारों के समय वह अपने परिवार के साथ त्योहार मनाने के लिए हर साल घर जाता है लेकिन इस साल वह रेलगाड़ियां बंद होने के कारण अपने घर नहीं जा पा रहे है संजू कुमार गांव आसकपुर तहसील बिसोली जिला बरेली, जालंधर ने बताया कि रेलगाड़ियां बंद होने के कारण व्यापार पर असर पड़ा है। रेलगाड़ियां बंद होने के कारण नुकसान हो रहा है। वह अपने साथियों के साथ हरेक साल दिवाली अपने गांव मनाता है, लेकिन इस बार रेलगाड़ियां बंद होने से नहीं जा पाया

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