क्या होगा अगर ट्रंप हार के बाद राष्ट्रपति पद छोड़ने से इनकार कर दें

अमेरिकी सीनेट में 47—47 सीटों से डेमोक्रेट्स और रिपब्लिक बराबरी पर 
ट्रंप को अब तक 213 वोट्स मिले और बिडेन 238 वोट के साथ आगे 
हाउस में डेमोक्रेट्स को 190 और रिपब्लिक को 181 वोट

अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव परिणाम के लिए मतगणना जारी है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और डेमोक्रेटिक पार्टी से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जो बिडेन अपनी-अपनी जीत का दावा कर चुके हैं। इसके चलते असाधारण परिस्थिति बनती दिख रही है कि अगर ट्रंप चुनाव हार गए और उन्होंने राष्ट्रपति पद छोड़ने से इनकार कर दिया, तब क्या होगा?

दुनिया भर की नजरें अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के परिणामों पर हैं। ट्रंप और बिडेन दोनों अपनी-अपनी जीत का दावा कर चुके हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने जनादेश को मानने से इनकार कर दिया, तो क्या होगा? सभी को इस बात की चिंता है कि अगर ट्रंप ने कानूनी रास्ता अपनाते हुए व्हाइट हाउस छोड़ने से इनकार कर दिया, तो अमेरिका के लोकतंत्र का क्या होगा?
ट्रंप परिणाम स्वीकार करने से कर सकते हैं इनकार 
 जनवरी, 2016 में ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद अमेरिका में अव्यवस्थाओं का एक दौर शुरू हो गया। चार साल के कार्यकाल में उन पर सार्वजनिक रूप से झूठ बोलने के, फेक न्यूज फैलाने के, मीडिया से खराब संबंधों के, न्याय व्यवस्था को नियंत्रित करने के और नस्लवाद के आरोप लगते रहे हैं। इसे देखते हुए पूरी आशंका है कि ट्रंप जनादेश मानने से इनकार कर सकते हैं। 
ये आशंका ट्रंप के कुछ वक्त पहले दिए गए बयान और आज के बयान को देखकर मजबूत हो जाती है। ट्रंप ने सिंतबर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के  दौरान  कहा था कि हम चुनाव होते ही उसी रात अपने वकीलों के साथ तैयार रहेंगे। उन्होंने कहा कि चुनाव में फर्जीवाड़ा हो सकता है। 

ट्रंप बोले, उच्चतम न्यायालय जाऊंगा 
ट्रंप ने बुधवार को दावा किया कि अमेरिकी जनता के साथ ‘बड़ी धोखाधड़ी’ की जा रही है और वह इसके खिलाफ उच्चतम न्यायालय जाएंगे। ट्रंप ने दावा किया, ”हम यह चुनाव जीत चुके थे।करोड़ों लोगों ने हमें वोट दिया है।” उन्होंने दावा किया कि बेहद निराश लोगों का एक समूह दूसरे समूह के लोगों को हतोत्साहित करने का प्रयास कर रहा है। हम बड़े जश्न की तैयारी में थे। हम जीत रहे थे। लेकिन अचानक सब बदल दिया गया। राष्ट्रपति ने बिना कोई सबूत दिए कहा कि कोई ‘बड़ी धोखाधड़ी’ की गई है।

ट्रंप पोस्टल वोटिंग पर जताया था संदेह 
इससे पहले, ट्रंप ईमेल या डाक के जरिए मतदान (मेल-इन-बैलेट) पर भी शक जता चुके हैं। वे लगातार इसके बारे में बारे में कहते रहे हैं कि इससे चुनाव में धांधली हो सकती है। 

 
अमेरिकी संविधान में नहीं है ये प्रावधान
अब सवाल ये उठता है कि क्या हारी हुई पार्टी विजेता पार्टी को सत्ता देने से इनकार भी कर सकती है? इस बारे में द अटलांटिक में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी संविधान सत्ता के शांतिपूर्वक हस्तांतरण की बात नहीं करता है, बल्कि वो इसका अनुमान लगा लेता है कि ऐसा ही होगा। ऐसे में अगर कोई राष्ट्रपति हार के बाद भी सत्ता जीती पार्टी को देने से इनकार कर दे, तो इसके लिए अमेरिकी संविधान में कोई अलग से प्रावधान नहीं बनाया गया है। ऐसे में ट्रंप के हार मानने से इनकार करने पर हालत भयावह हो सकते हैं। खासकर जब पहले से ही अमेरिका कोरोना संक्रमण से कमजोर पड़ा हुआ है।

न्यायालय अंतिम विकल्प 
उनके बयान को संदर्भ मानते हुए फिलहाल कानून का ही विकल्प बचता है। यानी अगर चुनाव के बाद नतीजे आने पर ट्रंप ने किसी तरह से परेशानी खड़ी करने की कोशिश की, तो मामला न्यायालय में जाएगा। इसी वजह से राष्ट्रपति पद के दूसरे उम्मीदवार जो बिडेन भी वकीलों की पूरी फौज तैयार कर चुके हैं। 

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