त्योहारों में सब्जियों के दामों में लगातार इजाफा राहत मिलने की उम्मीद अभी कम

जालंधर (विशाल ) त्योहारी सीजन में सब्जियों की बात करें तो एक महीने के अंदर ही मटर के दामों ने डबल सेंचुरी मार दी है। आलू और प्याज के दाम पहले से ही आंखें तरेर रहे हैं। अन्य सब्जियों के दाम भी इन दिनों आसमान पर हैं। सब्जी विक्रेताओं और कारोबारियों का कहना है कि आगामी 20 दिनों तक राहत मिलने की उम्मीद कम है। इससे त्योहारों का स्वाद फीका रह सकता है।अक्टूबर के मध्य लेकर सब्जियों के दामों में लगातार इजाफा हो रहा है। महीने की शुरुआत में 60 से 70 के प्रति किलो चल रहे मटर के दाम इन दिनों 200 रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुके हैं। इसी तरह 50 रुपये प्रति किलो बिक रही फलियों के दाम 100 रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुके हैं। इसके लिए बेमौसम बारिश और किसान आंदोलन को कारण बताया जा रहा है।मकसूदां सब्जी मंडी के थोक कारोबारी महेंद्रजीत सिंह बताते हैं कि महाराष्ट्र में बेमौसम बारिश के चलते प्याज की फसल तबाह हो गई है। उन्होंने कहा कि इन दिनों केवल स्टॉकिस्ट ही माल की बिक्री कर रहे हैं। जैसे-जैसे स्टॉक कम होता जाएगा, इसका असर दामों पर महंगाई के रूप में पड़ना तय है। उन्होंने कहा कि अभी कम से कम 20 दिन तक प्याज के दामों पर महंगाई की मार झेलनी होगी।इस बारे में सब्जी मंडी के रिटेल और थोक सब्जी विक्रेता जगदीश कुमार बताते हैं कि किसानों की हड़ताल के कारण शिमला और हिमाचल से सब्जियां बहुत कम आ रही हैं। किसानों की हड़ताल और ट्रेनें बंद होने कारण सड़क मार्ग से माल की सप्लाई हो रही है। इसका अतिरिक्त खर्च भी सब्जियों के दामों पर पड़ रहा है।

20 दिन में यूं बदले दाम (रुपये प्रति किलो)

सब्जी पहले अब

प्याज 40 रु 70 रु

आलू 30 रु 45 रु

मटर 60 रु 200 रु

फलियां 60 रु 100 रु

अरबी 40 रु 60 रु

टमाटर 40 रु 60 रु

घीया 30 रु 40 रु

शिमला मिर्च 40 रु 100 रु

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