हॉस्पिटल के खिलाफ काम न आई ब्लैकमेलरों की साजिश

कन्नौज। इंदरगढ़ कस्बे के मरहाला तिराहा स्थित अपना हॉस्पिटल के खिलाफ कुछ तथाकथित मीडिया कर्मियों और ब्लैकमेलरों की साजिश काम न आई। दरअसल इन ब्लैकमेलरों ने क्षेत्र के सरैया गांव निवासी डेंगू पीड़ित मानसिंह की मौत के मामले को अपना हॉस्पिटल से जोड़कर बखेड़ा खड़ा कर दिया था। जबकि दूसरी ओर मृतक के बेटे का कहना है कि अपना हॉस्पिटल में मरीज को एडमिट ही नहीं किया गया था, बल्कि मरीज को कानपुर ले जाने की सलाह देकर वापस लौटा दिया गया था। ऐसे में ब्लैकमेलरों के आरोप निराधार साबित हो गए।
घटनाक्रम के अनुसार इंदरगढ़ थाना क्षेत्र के सरैया गांव निवासी मानसिंह पुत्र राम प्रसाद डेंगू पीड़ित थे। हालांकि इससे पहले कई दिनों तक बुखार आने पर परिजनों ने उन्हें बेला हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। लेकिन जब आराम नहीं मिला तो परिजन उन्हें घर ले आए। ऐसे में दो दिन पहले मानसिंह को उनके परिजन इंदरगढ़ कस्बा स्थित निर्माणाधीन अपना हॉस्पिटल में भर्ती कराने ले गए। लेकिन अस्पताल संचालक द्वारा उन्हें बताया गया कि हॉस्पिटल निर्माणाधीन है और ऐसे में मरीज को भर्ती नहीं किया जा सकता। मरीज में डेंगू के लक्षण महससू होने पर कानपुर में इलाज कराने की सलाह दी गई। लेकिन आर्थिक संकट से जूझ रहे परिजन पैसों का इंतजाम करते रहे गए, इस बीच मानसिंह ने दम तोड़ दिया। इस मामले को लेकर तथाकथित मीडिया कर्मियों और ब्लैकमेलरों ने अपना हॉस्पिटल को टारगेट करते हुए बिना तथ्यों को जाने भ्रामक खबरें प्रसारित कर दीं। ब जब मृतक के बेटे ने लिखित रूप से यह स्वीकार कर लिया कि उनके पिता को अपना हॉस्पिटल में भर्ती किया ही नहीं गया था। तो अब तथाकथित मीडिया कर्मियों को सांप सूंघ गया।

Translate »
क्रान्ति न्यूज - भ्रष्टाचार के खिलाफ क्रांति की मशाल