ममता बनर्जी का मुकाबला करने को अब जेपी नड्डा नहीं, अमित शाह जाएंगे बंगाल, जानें नया शेड्यूल

ममता बनर्जी का मुकाबला करने को अब जेपी नड्डा नहीं, अमित शाह जाएंगे बंगाल

पश्चिम बंगाल में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। भारतीय जनता पार्टी जहां राज्य में सत्ता पाने की कोशिश में जुटेगी, वहीं ममता बनर्जी की टीएमसी सत्ता कायम रखने के लिए दमखम दिखाएगी। इसके लिए अभी से ही तैयारियां शुरू हैं। केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा नेता अमित शाह 2021 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के संगठनात्मक मामलों का जायजा लेने के लिए पांच नवंबर से पश्चिम बंगाल की दो दिवसीय यात्रा करेंगे। पार्टी सूत्रों ने यह जानकारी दी। पहले खबर थी कि जेपी नड्डा जाने वाले थे।

देर रात के एक घटनाक्रम में पश्चिम बंगाल भाजपा के महासचिव सयंतन बसु ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा की छह नवंबर से निर्धारित यात्रा रद्द हो गई। बसु ने शुक्रवार रात कहा, ‘जे पी नड्डा जी की यात्रा फिलहाल रद्द हो गई है। यह निर्णय लिया गया है कि अमित शाह जी पांच नवंबर से दो दिवसीय यात्रा पर पश्चिम बंगाल आएंगे।’ उन्होंने कहा, ‘उनके पांच नवंबर को मेदिनीपुर जिले का दौरा करने की संभावना है और अगले दिन वह राज्य के पार्टी नेताओं से मिलेंगे। कार्यक्रम को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है।’

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और बंगाल प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि शाह संगठन के विभिन्न पहलुओं पर गौर करेंगे और आगामी विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी की रणनीति पर चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा, ‘यह कमोबेश इनडोर कार्यक्रम होंगे। संभावना है कि वह कोलकाता में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर सकते हैं।’

सूत्रों ने बताया कि यात्रा के दौरान शाह, विजयवर्गीय, उपाध्यक्ष मुकुल रॉय और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष जैसे वरिष्ठ पार्टी नेताओं के साथ बूथ और जिला स्तर के नेताओं के साथ बातचीत करेंगे। हालांकि, अमित शाह ने इस साल की शुरुआत में पश्चिम बंगाल के लिए एक डिजिटल रैली को संबोधित किया था। यह कोरोना वायरस संक्रमण के कारण लगे लॉकडाउन के बाद राज्य की उनकी पहली यात्रा होगी। शाह ने इससे पहले एक मार्च को पश्चिम बंगाल का दौरा किया था।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ राज्य में ‘बिगड़ती कानून-व्यवस्था’ को लेकर राज्य सरकार की लगातार आलोचना करते रहे हैं। पश्चिम बंगाल के भाजपा नेता राज्य में कानून व्यवस्था खराब होने का हवाला देते हुए राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग भी कर रहे हैं। धनखड़ ने एक दिन पहले ही नयी दिल्ली में शाह से मुलाकात की और राज्य के मामलों को लेकर चर्चा की।

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