मिलाद की महफिल सजा कर मोहम्मद साहब को किया याद

दिव्य प्रकाश तिवारी चमन’ जिला जुर्म संवाददाता

बलरामपुर। पैगंबर-ए-इस्लाम मोहम्मद साहब का जन्मदिन बारह रबी उल अव्वल के रूप में बड़े ही अकीदत के साथ मनाया गया। अकीदतमंदों ने घर व मस्जिदों में पूरी रात जगकर इबादत की और देश की तरक्की व लोगों की खुशहाली के लिए दुआ मांगी। जगह-जगह मिलाद की महफिल सजाकर पैगंबर-ए-इस्लाम मोहम्मद साहब के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया गया। कोरोना महामारी के चलते इस बार नगर में जुलूस ए मोहम्मदी नहीं निकला।
बारह रबी उल अव्वल को लेकर मुस्लिम समाज के लोगों में काफी उत्साह दिखा। त्योहार के एक सप्ताह पहले से ही शहर की गलियों व सड़कों के साथ-साथ घरों को सजाया गया। मस्जिद व इबादतगाहों को भी रंगीन झालरों से सजाया गया। बारह रबी उल अव्वल के दिन मुस्लिम समाज के लोगों ने गुरुवार की रात घर व मस्जिदों में इबादत की।
शुक्रवार को दिन भर जगह-जगह मिलाद शरीफ का आयोजन किया गया। नगर के मोहल्ला सराय फाटक में अंजुमन गुलामाने मुस्तफा नौजवान कमेटी के लोगों ने मिलाद शरीफ का आयोजन किया। कार्यक्रम की शुरुआत कारी शफातउल्लाह ने कुरान-ए-पाक की तिलावत और मोहम्मद साहब की शान में नात शरीफ पढ़कर की। शहर मुफ्ती मौलाना मसीह अहमद कादरी व मौलाना मोहम्मद शमीम अहमद कादरी ने कहा कि आज हम लोग ऐसे पैगंबर का जन्मदिन मना रहे हैं जो पैगंबरे इस्लाम भी कहा जाता है।
मोहम्मद साहब पूरी दुनिया के लिए रहमत हैं। आज के दिन गरीब, असहाय, मजबूर, बेसहारा व विधवाओं की जितनी संभव हो उतनी मदद करें। कार्यक्रम को सैय्यद अहमद रजा, कारी फरियाद हुसैन, हाफिज शब्बू, मौलाना मोहम्मद उमर व मौलाना कासिम अख्तर आदि ने भी संबोधित करते हुए पैगंबरे इस्लाम मोहम्मद साहब के जीवन आदर्शों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर धर्मगुरुओं ने मुल्क में अमन, चैन व शांति तथा कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए दुआ भी मांगी। इसी तरह से नगर के मोहल्ला बलुहा, गदुरहवा, बड़ा पुल, नई बस्ती, गोविंद बाग, नगर पालिका, नौशहरा, पुरैनिया तालाब व नहर बालागंज सहित जिले के तमाम स्थानों पर मिलाद की महफिल सजाई गई।

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