राज्यसभा चुनाव : बजाज ने बिछाए बसपा के राह में कांटे, अहम हुए निर्दल व छोटे दल

राज्यसभा की 10 सीटों के लिए राज्य में हो रहे चुनाव को निर्दलीय प्रत्याशी प्रकाश बजाज ने रोचक बना दिया है। अंतिम समय में हुए इनके नामांकन के साथ ही निर्विरोध जीत की तरफ बढ़ रहे बसपा प्रत्याशी डा. रामजी गौतम की राह में मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। इस घटनाक्रम से अभी तक इस चुनाव में दर्शक की भूमिका में दिख रहे निर्दलीय और छोटे दलों के विधायकों की भूमिका अचानक अहम हो गई। ये विधायक अब निर्णायक भूमिका में होंगे। 

राजनीतिक हल्के में शह मात का यह खेल अचानक चर्चाओं में आ गया है। बसपा और निर्दलीय प्रत्याशी के पक्ष और समर्थन से 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए संभावित गठबंधन की झलक देखने की कोशिशें भी हो रही हैं। बड़े दलों में भाजपा, कांग्रेस तो छोटे दलों में अपना दल (सोनेलाल) और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी की चालों पर सबकी नजरें रहेंगी। दोनों प्रत्याशियों को लेकर सपा और बसपा का पक्ष नामांकन के साथ ही स्पष्ट है। 

स्थिति यह बन रही है कि अकेले अपने दल पर भाजपा भी इन दोनों में से किसी एक प्रत्याशी की जीत तय नहीं कर सकती है। इसके लिए भाजपा को राजग गठबंधन का हिस्सा अपना दल (सोनेलाल) को साथ लेना होगा। भाजपा के सामने दिक्कत यह भी होगी कि खुलकर वह किसका समर्थन करे। प्रदेश में सपा और बसपा दोनों दल उसके घोर विरोधी हैं। सपा चाहकर भी निर्दल प्रत्याशी प्रकाश बजाज को अपने दम पर जीत नहीं दिला सकती है। इसके लिए सपा को निर्दलियों के साथ ही अपना दल (सोनेलाल), सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी, कांग्रेस का पूरा सहयोग तथा कुछ सेंधमारी की जरूरत पड़ सकती है।

अपना दल (सोनेलाल) के एक राष्ट्रीय पदाधिकारी ने कहा कि उनके विधायक अभी तक इस चुनाव में स्वतंत्र भूमिका में हैं। भाजपा नेतृत्व ने इस मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं की है। भाजपा की तरफ से कोई संदेश आने पर उस पर अमल किया जाएगा। वहीं सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष विधायक ओमप्रकाश राजभर ने कहा है कि अभी तक किसी ने उनके दल के विधायकों के समर्थन पर पर बात नहीं की है। इस मुद्दे पर पार्टी बैठक कर तय करेगी कि किसका साथ दिया जाए।

Translate »
क्रान्ति न्यूज - भ्रष्टाचार के खिलाफ क्रांति की मशाल