भ्रष्टाचार के मुख्य कारण और निवारण (समाधान) के उपाय क्या हैं?(16वां भाग)

क्रांति न्यूज चैनल,ब्यूरो प्रमुख-कवि अनिरुद्ध कुमार सिंह

. गाजियाबाद।दि०25/10/2020. आप सभी 15वां भाग पढ़कर समझ गए कि गोस्वामी तुलसीदास जी ने किसी को नीचा दिखाने की दृष्टि से कोई भी बात नहीं लिखे थे, लेकिन कुछ सिरफिरे लोग सही अर्थ को उल्टा अर्थ निकाल कर अनुसूचित वर्ग के लोगों को गूमराह करते रहते हैं। वैसे गलत लोगों से समाज के सही लोग सावधान रहें । अब आप सभी के सामने पशुओं के संबंध में कुछ बताने जा रहा हूं जिसे आप सभी गौरपूर्वक पढ़ेंगे । गोस्वामी तुलसीदास जी ने चौपाई के माध्यम से यह बताये थे कि ढोल गंवार शूद्र पशु नारी, सकल ताड़ना के अधिकारी । यहां पर पशु का मतलब क्या है? क्या पशुओं को अपने वश ( अधिकार) में करने के लिए ताड़ना शब्द का अर्थ मारने -पीटने से लगाये जा सकते हैं? कोई भी जानवर या पशु मनुष्यों के लिए अति उपयोगी हैं। उन्हें सेवा और प्रेम से काम लिए जा सकते हैं।उनसे किसी प्रकार का यातना (कष्ट) देकर कार्य नहीं कराना चाहिए क्योंकि सभी प्रेम और सेवा के अधिकारी हैं। अगर किसी से आप जीवन में फायदा उठाते हैं तो क्या आप उन्हें सेवा, सुरक्षा और प्रेम नहीं करेंगे? आप जितना अधिक पशुओं को सेवा, सुरक्षा और प्रेम करेंगे, उतना हीं अधिक आप सुख और शांति से रह पायेंगे।जरा आप सोचिएं कि जानवरों (पशुओं) से आपको क्या नहीं प्राप्त होते हैं? आप उनसे कृषि कार्य से लेकर सवारी के भी काम लेते हैं। उनके गोवर से जलावन और खाद के उपयोग में लाते हैं। इसके अलावे आप दूध,दही, मक्खन घी, छाई जैसे अमृत पदार्थ जानवरों से प्राप्त करते हैं। कुछ जानवरों के खाल से जूते,बैग और ढोल बनाते हैं। कुछ जानवरों से भारी से भारी सामान ढोते हैं।इस प्रकार जानवरों से अनेकों फायदे हीं फायदे हैं। इनके दूध और घी से अनेकों प्रकार के मिठाइयां और दवाईयां भी बनते हैं। कुछ जानवरों से सुरक्षा और लड़ाई के काम में भी आते हैं। इस प्रकार जानवरों से क्या नहीं प्राप्त होते हैं।इन सभी फायदा होने के बाद भी उनके साथ कोई अमानवीय व्यवहार करते हैं तो यह कदापि उचित बात नहीं है। कुछ लोग जानवरों के कार्य को महत्व नहीं देते हैं और उनको जीवित हीं हत्या करने के बाद मांस बनाकर खाते हैं। यह मानवता के सख्त खिलाफ है। अतः हम सभी उनके साथ हिंसात्मक व्यवहार कदापि नहीं करें क्योंकि वे सब भी जीने व प्रेम (ताड़ना) के अधिकारी हैं। http://krantinews.co.in/archives/20310 भ्रष्टाचार के मुख्य कारण और निवारण (समाधान) के उपाय क्या हैं? (15वां भाग)। – क्रान्ति न्यूज अब आप की अपनी भाषा 105 भाषाओं में में ताजा खबरों के लिए लॉगिन करे – www.krantinews.co.in पर शेष भाग बाद में पढ़िएगा।

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