इजराइल ने कोरोना टीके को लेकर अब क्या कहा? अगस्त में किया था वैक्सीन बनाने का दावा

इजराइल के कोविड-19 टीके ‘ब्रिलाइफ’ का मानव परीक्षण अक्तूबर के आखिर तक शुरू होगा। इजराइली रक्षा मंत्री बेनी गैंट्ज ने टीके के मानव परीक्षण की शुरुआत के बारे में कहा कि यह बेहद महत्वपूर्ण क्षण और राष्ट्रीय गौरव की बात है। यह देश-दुनिया के लिए एक बड़ी खबर ला सकता है। यह टीका इजराइल इंस्टीट्यूट ऑफ बायोलॉजिकल रिसर्च (आईआईबीआर) ने विकसित किया है।
 

इजराइल ने अगस्त में दावा किया था कि उसके पास कोरोना वायरस का टीका है, लेकिन इसे नियामक प्रक्रियाओं से गुजरना होगा। इन प्रक्रियाओं की शुरुआत मानव परीक्षण के साथ होगी। गैंट्ज सोमवार को आईआईबीआर पहुंचे, जहां उन्हें टीके के मानव परीक्षण के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने इस मौके पर कहा कि हमारे लिए यह बहुत ही महत्वपूर्ण क्षण है।

स्टाफ ने शानदार काम किया है। मैं आईआईबीआर के सभी अनुसंधानकर्मियों और प्रशासकों का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं। आईआईबीआर के निदेशक शैम्यूल शापिरा ने इस दौरान संभावित टीके के नाम ब्रिलाइफ का अनावरण किया। इस संबंध में जारी विज्ञप्ति में यह नहीं बताया गया कि टीके के मानव परीक्षण में कितना समय लगेगा और इस्तेमाल के लिए टीका कब तक उपलब्ध होगा।

कोरोना से ठीक होकर दूसरी बीमारियों से घिर सकते हैं

वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि लोग कोरोना से ठीक होने के बाद भी कई दूसरी बीमारियों से घिर सकते हैं। ब्रिटेन के ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने पाया कि कोरोना से ठीक हुए रोगियों में महीनों तक कुछ लक्षण रहते हैं। कोरोना संक्रमण शरीर के चार अंगों फेफड़ों, हृदय, किडनी और लीवर आदि को कमजोर कर देता है। इसलिए कोविड से उबरने के बाद भी विशेष सावधानी बरतना जरूरी है, अन्यथा वे अन्य बीमारियों से ग्रसित हो सकते हैं। 

ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने ब्रिटेन में एक छोटा अध्ययन किया था। अध्ययन के निष्कर्षों के अनुसार, कोरोना महामारी के आधे से अधिक रोगियों ने अपने प्रारंभिक संक्रमण के बाद दो से तीन महीने तक सांस की तकलीफ, थकान, चिंता और अवसाद जैसे लक्षणों का अनुभव किया है। शोध में 58 रोगियों में कोविड-19 के दीर्घकालिक प्रभाव को देखा गया, जो महामारी की बीमारी से ग्रस्त हुए थे। इसमें पाया गया कि कुछ रोगियों में संक्रमित होने से लगातार बुखार के कारण शरीर के अंगों में कुछ महीनों तक समस्या बनी रहती है। हालांकि, इस अध्ययन को अन्य वैज्ञानिकों द्वारा समीक्षा के पहले ही मेड-आरएक्सआईवी वेबसाइट पर प्रकाशित कर दिया गया था। 

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