महिला सुरक्षा: जानिए अपने अधिकार।

आज दिनांक 20 अक्टूबर 2020 को चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ में नवरात्रि के चतुर्थ दिवस पर ‘मिशन शक्ति’ के अंतर्गत ‘महिला सुरक्षा एवं कानूनी अधिकार’ विषय पर जूम मीटिंग के माध्यम से चार दिवसीय वेबिनार का शुभारंभ प्रोफेसर वाई विमला, प्रो वाइस चांसलर, सीसीएसयू के द्वारा किया गया। एम.एम.एच. कॉलेज, गाजियाबाद के राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती आरती सिंह और डॉ अनुपमा गौड़ करीब 20 स्वयंसेवकों के साथ इस मीटिंग में उपस्थित रहे। मीटिंग में अन्य कई कॉलेज के प्राध्यापक और छात्र भी रहे।

श्रीमती कृतिका चतुर्वेदी , सर्टिफाइड POSH एंड POCSO ट्रेनर ने छात्र एवं छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय संविधान में महिलाओं की सुरक्षा और समानता से जुड़े कई कानून बनाए गए हैं, जो महिलाओं को सशक्त बनाते हैं। उन्होंने ऐसे ही कुछ भारतीय कानूनों के बारें में बात की, जिनकी जानकारी हर महिला को होनी चाहिए:-
कार्यस्थल पर उत्पीड़न के खिलाफ अधिकार, समान वेतन का अधिकार, देर से भी शिकायत दर्ज करने का अधिकार, जीरो एफआईआर का अधिकार, घरेलू हिंसा से सुरक्षा का अधिकार, इंटरनेट पर सुरक्षा का अधिकार, रात में गिरफ्तार न होने का अधिकार, गोपनीयता का अधिकार, नि:शुल्क कानूनी सहायता का अधिकार, संपत्ति पर अधिकार, पुलिस स्टेशन पर नहीं बुलाये जाने का अधिकार, इंटरनेट के माध्यम से शिकायत का अधिकार।

महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति सचेत रहना चाहिए। ज़्यादातर को पता ही नहीं होता कि किस तरह की परिस्थिति में उन्हें कहां जाना है या किसकी मदद लेनी है, इसलिए हर लड़की/महिला को अपना स्थानीय पुलिस थाना और वहां का फोन नंबर हमेशा याद रखना चाहिए। ऐसे आप खुद भी सुरक्षित रहेंगी और दूसरों की मदद भी कर सकेंगी।

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