क्षत्रिय इस देश के रक्षक एवं महान् शासक थे- इस समाचार के तीसरा भाग यहां से पढ़िए —-

मेरे सबसे बड़े भाई डॉ बच्चू नारायण सिंह के दोनों जुड़वां लड़के,जो छतरपुर,नयी दिल्ली में रहते हैं ।

क्रांति न्यूज, गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश ( कवि अनिरुद्ध कुमार सिंह के द्वारा ) :- क्षत्रिय समाज को सबसे पहले अपने बारे में जानकारी प्राप्त करना चाहिए कि हमसब कौन हैं ? हमारे पूर्वज क्या थे ? वे सब कहां के वासी थे ? वे सब क्या करते थे ? सबसे पहले हमसब यह जानिए कि वर्ण व्यवस्था के तहत हमसभी क्षत्रिय वर्ण कहलाते हैं । क्षत्रिय समाज को कहीं राज पुत, कहीं ठाकुर, कहीं भुपति, कहीं महिपाल, तो कहीं भूमीपति कहलाते हैं । वे आर्य कहलाते थे । वे भारत के मूलनिवासी थै । वे आक्रमणकारी नहीं थे । क्षत्रिय समाज में अनेक प्रकार के राजपुत हैं, जो वंश, गोत्र एवं क्षेत्र के अनुसार बंटे हुए हैं और सभी यहां मौजूद हैं । इनके इतिहास गौरवशाली हैं ।सभी राजाओं के इतिहास को यहां लिखना असंभव है । परंतु इतना जानना आवश्यक है कि हमारे पूर्वज के नाम पर भारत का नाम है और यहां सूर्य,इक्षवाकु,रघु,दिलीप,भागिरथ, भरत, हरिश्चंद्र,राजा भोज, विश्वामित्र,श्रीरम, महाराणा प्रताप,बाबु कुंवर सिंह जैसे अनगिनत महान रक्षक एवं शासक हुए । अपने पूर्वजों के इतिहास पर हमसभी क्षत्रिय समाज का बहुत ही गर्व है ।हम अपने पुर्वजों के इतिहास को मिटाने नहीं देंगे । इस लेख का शैष भाग चौथे अंक में पढ़िए

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