मनमानी फीस और बच्चों की पीठ पर बजन के बाबजूद नहीं मिल रही उच्च शिक्षा

अगर आपके बच्चे भी प्राइवेट स्कूलों में पढतें हैं तो हो जाइये सावधान कहीं प्राइवेट स्कूल आपके बच्चों का भविष्य ख़राब तो नहीं कर रहें जी हाँ उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले में स्थित एक प्राइवेट स्कूल का तो यही हाल है जिसमे बच्चों का भविष्य राम भरोसे ही है, दी हिंट इंडिया के एक सर्वे के मुताबित स्कूल के 70 प्रतिशत बच्चों को संविधान किसने लिखा ये नहीं पता, 6 दिसम्बर 2019 यानि बाबा साहब डॉ भीम राव अम्बेडकर के महापरिनिर्माण दिवस पर दी हिंट इंडिया ने एक सर्वे किया जिसमे पाँचवी कक्षा से लेकर आठवीं कक्षा के बच्चों से बाबा साहब अम्बेडकर के विषय में कुछ सवाल किये गये जिसमे सबसे पहले बच्चों से संविधान निर्माता का नाम पूँछा गया लेकिन सर्वे के मुताबिक 70 से 80 फीसदी बच्चे इस सवाल का जबाब नहीं दे पाये इसके अलावा भी बच्चों से कई सवाल पूंछे गये जिसका जबाब बच्चे नहीं दे पाये वहीँ जब प्रिंसिपल से हमने बात करने की कोशिश की तो वो सब कैमरे से बचते नज़र आये और टीचर्स से बात न करने को कहने लगे और बहाने बनाने लगे इससे साफ़ जाहिर होता है की उच्च शिक्षा की बात कह कर आपकी जेब खाली करने वाले प्राइवेट स्कूलों में सिर्फ फीस उच्च होती है न की पढाई, पढाई तो सिर्फ नाम भर ही रह गयी है वहीँ जब बच्चों के अभिभावकों से इस बारे में बात की गयी तो उन्होंने कहा की हम तो अब तक यही सोचते थे की हमारे बच्चे अच्छी शिक्षा प्राप्त कर रहें है लेकिन असल सच्चाई तो कुछ और ही है इससे अच्छा तो हम अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढने भेज देते वहाँ इससे बेहतर पढाई होती ये सिर्फ फीस ज्यादा लेते हैं लेकिन पढाई कम, गौतम बुद्ध नगर के छपरौला इलाके में स्तिथ भविष्य ग्लोबल स्कूल का है पूरा मामला|

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