जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के अंतर्गत 28 दावो के, एक करोड़ ,38 लाख की धनराशि स्वीकृत की

★ कृषक दुर्घटना योजना के पात्र को अवश्य लाभ दिया जाए

प्यारे लाल वर्मा ब्यूरो चीफ बागपत

बागपत । जिलाधिकारी शकुन्तला गौतम ने आज कलेक्ट्रेट सभागार में ,उत्तर प्रदेश के कृषकों की दुर्घटना मृत्यु /दिव्यांगता की स्थिति में मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के अंतर्गत आवेदन पत्रों के निस्तारण हेतु गठित जिला स्तरीय समिति की बैठक कर पत्रावलीयो की समीक्षा की ,मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के अंतर्गत आज 28दावों को स्वीकृति दी गई । दुर्घटनावश मृत्यु /दिव्यांगता की दशा में अधिकतम ₹5 लाख की धनराशि से पात्रता के आधार पर सरकार द्वारा उसके परिजनों की सहायता की जाती है ।
जिलाधिकारी ने प्रत्येक पत्रावली को बहुत ही सूक्ष्मता के साथ अबलोकन कर 28 दावों के लिए ,एक करोड़ 38 लाख रुपए की धनराशि स्वीकृत कर, किसानों के परिवार ,परिजनो को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की सहायता दी।

जिसमें जिलाधिकारी ने वेदवती पत्नी महिपाल झुंडपुर, रामवती पत्नी महेंद्र बिनौली, मुकेश पत्नी सोराज राठौड़ा ,संगीता, जैनम पत्नी अमरउद्दीन पिचोकरा, शोभा पत्नी मनोज सिंह सिनोली, राकेश देवी पत्नी प्रेमपाल बरवाला खुर्शीदा पत्नी अब्बास, किरठल ,अनिता कोताना, अनिल लोहारी ,अमित तोमर रहेतना ,कृष्णा दाहा, रीतु राठोडा ,अनीता बदरखा राजपाल जीवाना ,कविता बेड़वारा, बटाईदार प्रमोद दोघट को भी योजना से लाभान्वित किया गया। जसवीर हिम्मतपुर ,सीमा दोघट ,मोनिका सिलाना व रजनी पत्नी सुनीता बड़ागांव, संतोष पत्नी बिजेंदर कांठा, अंजू पत्नी विकास कांठा ,गीता पत्नी जय नारायण अब्दुलपुर, पूनम पत्नी वीरपाल कांठा, राखी पत्नी मनीष कांठा को कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के अंतर्गत सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से सहायता धनराशि दी गई ,जिसमें तीन लाख की धनराशि से ममता टिकरी के लिए भी आवेदन स्वीकृत किया गया।

राज्य सरकार द्वारा कृषको की दुर्घटनावश मृत्यु /दिव्यांगता होने की स्थिति में उनके परिवार को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री कृषक कल्याण योजना प्रदेश में 14 सितंबर 2019 से प्रारंभ की गई जिसमें मृतक उत्तर प्रदेश निवासी हो और उसका सहायता लेने वाला परिजन का निवास प्रमाण पत्र के साथ कोई एक साक्ष्य प्रस्तुत करना होगा ,जिसमें पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, राशन कार्ड में से कोई एक हो , संबंधित योजना से लाभान्वित होने के लिए मृतक का पोस्टमार्टम या पंचनामा रिपोर्ट में दर्ज होना चाहिए। दिव्यांग की स्थिति में मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र ,बैंक पासबुक खतौनी की छाया प्रति आवेदन के साथ सलग्न करने होते है ।
कृषक की दुर्घटनावश मृत्यु अथवा दिव्यांगता होने पर कृषक / विधिक वारिस को आवेदन पत्र निर्धारित प्रमाण पत्रों /पत्रों को पूर्ण कराकर दो प्रतियों में 45 दिन की अवधि में तहसील कार्यालय में जमा करना होगा। विशेष परिस्थितियों में आवेदन पत्र प्रस्तुत करने की अबधि को एक महा तक बढ़ाने का अधिकार जिलाधिकारी मे निहित होगा ।किसी भी दशा में ढाई महा 75 दिन के पश्चात आवेदन पत्र पर विचार नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के अंतर्गत योजना से आच्छादित इस प्रकार हो सकते हैं यदि आग लगने ,बाढ़ ,बिजली गिरने, करंट लगने ,सांप के काटने ,जीव जंतु /जानवर द्वारा काटने /मारने/ आक्रमण से समुद्र ,नदी ,झील ,तालाब ,पोखर व कुएं में डूबने ,आधी -तूफान ,वृक्ष से गिरने /दबने ,मकान गिरने, रेल/रोड /वायुयान /अन्य वाहन आदि से दुर्घटना ,भूस्खलन ,भूकंप , गैस रिसाव,विस्फोट ,सीवर चैंबर मे गिरने अथवा अन्य किसी कारण से कृषक की दुर्घटनावस मृत्यु /दिव्यांगता होती है, तो कृषक /विधिक वारिस/ वारिसो को इस योजना के अंतर्गत आर्थिक सहायता होगी। जिसमें उनकी आर्थिक सहायता योजना के अंतर्गत के शक की दुर्घटना बस मृत्यु दिव्यांगता की दशा में अधिकतम 5 लाख रुपए की धनराशि से सहायता की जा सकती है। जो शासनादेश के अंतर्गत आते हैं।

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी अमित कुमार सिंह ,एसडीएम बागपत अनुभव सिंह ,एसडीएम बड़ौत दुर्गेश मिश्रा ,एसडीएम खेकड़ा अजय कुमार ,तहसीलदार बागपत प्रशुन कश्यप ,तहसीलदार खेकड़ा ,अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ भुजवीर,सहित आदि उपस्थित रहे।

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