जीव-जंतुओं के प्रतिबंधित अंगों की तस्करी का भंड़ाफोड़, तंत्र क्रियाओं के लिए किया जाता था इस्तेमाल

KRANTI NEWS BEAURO MATHURA :- मथुरा में तांत्रिक क्रियाओं में इस्तेमाल होने वाले जीव-जंतुओं के प्रतिबंधित अंगों की तस्करी का भंडाफोड़ स्थानीय वन विभाग और राजस्थान वन विभाग की टीम ने किया है। राजस्थान के झुंझुनू से आई वन विभाग की टीम और मथुरा वन अधिकारियों ने शहर के छत्ता बाजार स्थित एक कंठी-माला की दुकान से बड़ी संख्या में जीव-जंतुओं के नाखून, खाल इत्यादि सामान बरामद किए हैं। फिलहाल वन विभाग ने सैंपल जांच के लिए लैब भेजने के साथ ही आरोपी दुकानदार को अरेस्ट कर पुलिस को सौंप दिया है पिछले दिनों राजस्थान वन विभाग के अधिकारियों ने वन्य जीवों के अंगों की तस्करी के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के बाद राजस्थान से वन विभाग के अधिकारियों की टीम उसको लेकर मथुरा पहुंची। यहां स्थानीय अधिकारियों को साथ लेकर टीम शहर के छत्ता बाजार स्थित एक कंठी-माला की दुकान पर पहुंची और जांच पड़ताल शुरू की तो बाजार में हड़कंप मच गया।दुकान की सघन तलाशी के दौरान टीम को समुद्री मछली के कंकाल, कस्तूरी, बिल्ली की जेहर, कोबरा सांप की कांचरी, शेर के नाखून के अलावा पुरातत्व से जुड़े शंख बरामद किए। इन सब चीजों को पांच बोरों में बंद करके दुकान मालिक कन्हैया लाल अग्रवाल पुत्र रमेश चंद निवासी टीला को गिरफ्तार किया है मामले में शहर कोतवाली में झुंझनु राजस्थान से आए वन विभाग के एसडीओ की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। मथुरा वन विभाग के एसडीओ पीके पांडेय ने बताया कि राजस्थान से टीम अपने साथ एक आरोपी को पकड़कर ले गई थी, उसी ने इस दुकान पर दुर्लभ वन्यजीवों के अंगों की बिक्री की बात बताई। जिसके बाद बड़ी मात्रा में वन्य जीवों के नाखून आदि चीजें बरामद हुई हैं। इन सभी प्रतिबंधित अंगों को तंत्र क्रियाओं के लिए प्रयोग ​किया जाता था।

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