इश्क उम्र का मोहताज नहीं

kranti news ,
Krishna Tawakya Singh
इश्क उम्र का मोहताज नहीं
तुझसे बढ़कर कोई राज नहीं
जबतक दिल है ,जिंदा हो तुम
मेरी निगाहों में चाह बनके
मरकर भी मैं आऊँगा तेरे पास
तेरी छाह बनके
रूकना तुम इसी मोड़ पर
जरा सा करना मेरा इंतजार
मैं आता हूँ फिर तेरे पास
जरा आसमान से मिलके
चाँद सितारों में तुझे बसा दूँ
जब चाहूँ तुझे बुला लूँ
रूकना जरा ,इसी मोड़ पर
आता हूँ जरा फूलों से खुशबु चुराके
तेरी साँसों में समा के
रह जाउँगा मैं तेरे पास
फिर न जाऊँगा तेरे पास आके
मत देखो उम्र का पड़ाव
तू ही समायी है बनकक मुझमें भाव
अभाव झलकने लगते हैं
जब तुझे देखता नहीं आसपास
इस जीवन के पार भी
बस तू ही मेरी प्यास

Translate »
क्रान्ति न्यूज - भ्रष्टाचार के खिलाफ क्रांति की मशाल