क्षत्रिय देश के रक्षक एवं महान् शासक थे ।

क्रांति न्यूज, गाजियाबाद ( उत्तर प्रदेश)- आज चारों तरफ से क्षत्रिय ( राजपूत ) के उपर लगातार हमले हो रहे हैं । अनेकों पत्र- पत्रिकाओं एवं फिल्म के माध्यम से क्षत्रिय समाज की गौरवशाली इतिहास को मिटाने का पूरी जोर- शोर से प्रयास किए जा रहे हैं ।अनेक राजनीतिक दल भी राजपुतों के गौरव गाथा को कलंकित करने पर तुले हुए हैं । उनके द्वारा कभी श्री राम के उपर कलंक लगाये जा रहे हैं तो कभी महाराणा प्रताप के उपर आरोप । कभी सीता के उपर आरोप लगाये जा रहे हैं, तो कभी मीरवाई के उपर । कभी राजा दशरथ के उपर दोषारोपण किये जा रहे हैं तो कभी लक्ष्मण के उपर । कभी क्षत्रिय समाज को अत्याचारी एवं शोषक कहा जा रहा है तो कभी उसे वर्णशंकर । कभी उसे विदेशी बताया ‌जाता है तो कभी उसे आक्रमणकारी ।मानो सबकी बातें सुनने पर ऐसा लगता है कि क्षत्रिय समाज देश के लिए कोई अच्छा काम किया हीं नहीं हो । इस प्रकार के ‌गलत संदेश मीडिया एवं फिल्म के माध्यम से बहुत तेजी से फैलाये जा रहें हैं । विशेषकर डॉ भीमराव अम्बेडकर ने तो श्री राम के बारे में बहुत ही असत्य और अप्रिय कहानी लिखकर दलित वर्ग के लोगों में फैला दिए थे । आज दलित समाज में डां भीमराव अम्बेडकर के कारण श्री राम के जीवन चरित्र को गलत ढंग से पढ़ा जाने लगा है । उनके कारण दलित समाज के लोग अपने-अपने नाम के अंत भाग में राम शब्द हटाकर गौतम शब्द लिखना शुरू कर दिए हैं । दलित वर्ग के लोग जय श्रीराम के जगह पर जय भीम कहना शुरू कर दिए हैं । आखिर किस कमी के कारण वे लोग श्री राम के विरोध में होते जा रहे हैं ? आज क्षत्रिय समाज को इस प्रश्न पर विचार करने की अति शीघ्र ही आवश्यकता है । जब क्षत्रिय देश के रक्षक एवं महान् शासक थे, तब इनके विरुद्ध क्यों नफरत बढ़ते जा रहे हैं ? इस प्रश्न पर यह सोचने की जरूरत है कि इसमें गलती कहां है और गलती किसने किए हैं? अब तक क्षत्रिय समाज कान में तेल डालकर सोए रहे हैं, परंतु आज सोने नहीं, बल्कि सोचने की जरूरत है कि- हम कौन थे, क्या हो गये, क्या होंगे अभी? आओ विचारें मिलकर समस्याएं सभी । विशेष इस लेख का दूसरा भाग बाद में पढ़िए-

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